CG NEWS: सक्ती : सक्ती जिले में भूजल स्तर को बचाने के लिए प्रशासन ने भले ही बोर उत्खनन पर प्रतिबंध लगा दिया हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। जिले में रोक के बावजूद धड़ल्ले से अवैध बोर खनन जारी है। हालात ऐसे हैं कि हर दिन कई जगहों पर बोर मशीनें चल रही हैं और खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
CG NEWS: भीषण गर्मी और लगातार गिरते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने 1 अप्रैल से 15 जुलाई तक बोर उत्खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। इसका मकसद भूजल संरक्षण और आने वाले समय में जल संकट को रोकना है। बावजूद इसके जिले में रोजाना 10 से 12 बोर उत्खनन किए जाने की जानकारी सामने आ रही है।
CG NEWS:सूत्रों के मुताबिक, प्रतिबंध का फायदा उठाकर बोर मशीन संचालक लोगों से अतिरिक्त रकम वसूल रहे हैं। बताया जा रहा है कि हर फुट बोरिंग पर 10 से 20 रुपए तक अधिक लिए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, चर्चा यह भी है कि हर बोर के नाम पर अधिकारियों और नेताओं के नाम से 8 से 10 हजार रुपए तक की वसूली की जा रही है।
CG NEWS:स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक आदेश के बाद भी अवैध उत्खनन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से मशीन संचालकों के हौसले बुलंद हैं। कई ग्रामीण इलाकों में रात के समय भी बोर मशीनें संचालित होने की बातें सामने आ रही हैं।
CG NEWS:मामले को लेकर अमृत विकास तोपनो ने नाराजगी जताई है। कलेक्टर ने कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कहीं भी अवैध बोर उत्खनन की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
CG NEWS:उन्होंने बोर मशीन संचालकों और वाहन मालिकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि प्रतिबंध के बावजूद यदि कोई अवैध रूप से बोर खनन करते पाया गया, तो उसकी मशीन और वाहन जब्त कर सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
CG NEWS:प्रशासन का कहना है कि भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है और ऐसे समय में नियमों की अनदेखी भविष्य में गंभीर जल संकट पैदा कर सकती है। इसलिए अब अवैध बोर उत्खनन करने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाएगा।









