कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों का इंतजार अब खत्म हो गया है। राज्य की 293 सीटों पर आज सुबह से मतगणना होने को है। शुरुआती रुझानों के बाद दोपहर तक यह लगभग साफ हो जाएगा कि बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार फिर लौटेगी या भारतीय जनता पार्टी पहली बार राज्य की सत्ता तक पहुंचने में कामयाब होगी।
इस बार का चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है। पहली बार बंगाल में सिर्फ दो चरणों में मतदान कराया गया, जबकि इससे पहले राज्य में हिंसा और संवेदनशीलता के कारण आठ चरणों तक वोटिंग होती रही है।
रिकॉर्ड मतदान ने बदला चुनावी समीकरण
इस चुनाव की सबसे बड़ी खासियत रिकॉर्ड वोटिंग रही। बंगाल में मतदान प्रतिशत 92 फीसदी के पार पहुंच गया, जो राज्य ही नहीं बल्कि देश के चुनावी इतिहास में भी बड़ा रिकॉर्ड माना जा रहा है।
पहले चरण की 152 सीटों पर 2021 के मुकाबले करीब 21 लाख ज्यादा वोट पड़े, जबकि दूसरे चरण की 142 सीटों पर भी 9 लाख से अधिक वोट बढ़े। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि माइग्रेंट वर्कर्स की घर वापसी ने वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई।
BJP के पक्ष में कौन से मुद्दे?
भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव में एंटी इनकंबेंसी को सबसे बड़ा हथियार बनाया। 15 साल पुरानी तृणमूल सरकार के खिलाफ जनता के गुस्से को BJP ने जोरदार तरीके से उठाया।
आरजी कर रेप केस, कस्बा लॉ कॉलेज विवाद, महिला सुरक्षा, शिक्षक भर्ती घोटाला और 26 हजार नौकरियों को रद्द करने जैसे मुद्दों ने शहरी और मिडिल क्लास वोटरों को प्रभावित किया। वहीं आलू किसानों की नाराजगी और वक्फ विवाद जैसे मुद्दों ने भी कई इलाकों में राजनीतिक ध्रुवीकरण को बढ़ाया।
तृणमूल की सबसे बड़ी ताकत क्या?
लगातार सत्ता विरोधी माहौल के बावजूद तृणमूल कांग्रेस की जमीनी पकड़ अभी भी मजबूत मानी जा रही है। बूथ लेवल पर पार्टी का संगठन और ग्रामीण इलाकों में सरकारी योजनाओं का असर TMC की सबसे बड़ी ताकत बना हुआ है।
लक्ष्मी भंडार, कन्याश्री और रूपश्री जैसी योजनाओं ने महिलाओं के बीच ममता सरकार की पकड़ मजबूत रखी है। इसके अलावा मुस्लिम वोट बैंक और जंगलमहल क्षेत्र में TMC की वापसी भी पार्टी के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
इस चुनाव के सबसे बड़े X फैक्टर
इस बार चुनाव में कई ऐसे मुद्दे रहे जिन्होंने मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया। SIR लिस्ट से 27 लाख नाम बाहर होने का मुद्दा सबसे बड़ा X फैक्टर माना जा रहा है।
इसके अलावा BJP का महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये देने का वादा, बेरोजगारी भत्ता, DA और सरकारी भर्ती जैसे वादे युवा वोटरों को प्रभावित कर सकते हैं।
वहीं कई सीटों पर लेफ्ट, कांग्रेस और ISF गठबंधन की भूमिका भी जीत-हार तय कर सकती है। वोटों का बंटवारा दोनों बड़ी पार्टियों के समीकरण बिगाड़ सकता है।
भारी सुरक्षा के बीच काउंटिंग
मतगणना के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पूरे राज्य में भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय बलों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
अब सबकी नजरें आज आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। कुछ ही घंटों में यह तय हो जाएगा कि बंगाल में फिर से “दीदी” का राज कायम रहेगा या पहली बार राज्य में कमल खिलने जा रहा है।








