Landslide : जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हिमाचल प्रदेश इस वक्त प्रलय जैसे हालात झेल रहे हैं। पिछले दो दिनों की लगातार बारिश ने नदियों को उफान पर ला दिया है। जम्मू में 24 घंटे में 380 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो 115 साल बाद का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
Landslide : सबसे भयावह हालात वैष्णो देवी मार्ग पर बने, जहां भूस्खलन में 32 से ज्यादा श्रद्धालुओं की जान गई और 20 लोग घायल हुए। जम्मू रीजन में कई पुल और घर बह गए, सैकड़ों गांव डूब गए। पंजाब के सतलुज, व्यास और रावी नदियों ने खतरे का स्तर पार कर लिया है। पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन और अमृतसर के गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
हिमाचल प्रदेश में भी भूस्खलन और बाढ़ से हालात बिगड़े हैं। तीनों राज्यों में सड़क संपर्क टूटने से राहत और बचाव कार्यों में मुश्किलें आ रही हैं।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पीएम नरेंद्र मोदी से बात कर हालात की जानकारी दी और एनडीआरएफ की तैनाती पर धन्यवाद दिया। पीएम ने हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है।
बारिश का यह तांडव लोगों को 1910 की आपदा की याद दिला रहा है, जब इतनी बारिश ने पूरे जम्मू को तबाह कर दिया था।









