CG NEWS:गौरीशंकर गुप्ता\ छत्तीसगढ़ के Raigarh जिले के लैलूंगा विकासखंड स्थित झगरपुर धान उपार्जन केंद्र में सरकारी जमीन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। किसानों ने आरोप लगाया है कि मंडी परिसर की जमीन पर कुछ दबंग और रसूखदार लोग अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। इतना ही नहीं, सरकारी सीमांकन की कार्रवाई भी रुकवा दी गई, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है।
किसानों को मंडी में नहीं मिल रही पर्याप्त जगह
CG NEWS:स्थानीय किसानों के अनुसार, झगरपुर धान उपार्जन केंद्र के लिए वर्षों पहले लगभग 5 एकड़ जमीन दान में दी गई थी, ताकि किसानों को धान बेचने में सुविधा मिल सके। लेकिन अब मंडी परिसर में जगह की भारी कमी हो गई है।
किसानों का कहना है कि धान खरीदी के समय बड़ी संख्या में ट्रैक्टर मंडी पहुंचते हैं। एक साथ 40 से 50 ट्रैक्टर आने के कारण परिसर में वाहनों को खड़ा करने तक की जगह नहीं बचती। मजबूरी में किसानों को सड़क किनारे ट्रैक्टर खड़े करने पड़ते हैं, जिससे जाम और दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
सीमांकन के दौरान हुआ विवाद
किसानों ने आरोप लगाया कि 30 अप्रैल 2026 को हल्का पटवारी, समिति प्रबंधक और समिति अध्यक्ष मंडी की जमीन का सीमांकन करने पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया और सरकारी काम में बाधा डाली।
किसानों का दावा है कि विश्वामित्र मेहर और उनके पुत्र महेंद्र मेहर ने विवाद खड़ा कर सीमांकन की कार्रवाई रुकवा दी। साथ ही शनि मंदिर के सामने की जमीन पर भी घेराव कर कब्जे की कोशिश की गई।
प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार
CG NEWS:मामले से नाराज किसानों ने एसडीएम (राजस्व) लैलूंगा को लिखित शिकायत सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की है। किसानों का कहना है कि मंडी की जमीन किसानों की सुविधा के लिए है और उस पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द सीमांकन कराकर मंडी की जमीन को सुरक्षित किया जाए और सरकारी काम में बाधा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय किसान Pushkar Singh Rathia ने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो किसान आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि मंडी में पर्याप्त जगह नहीं होने से हर साल किसानों को परेशानी झेलनी पड़ती है और अब यह समस्या गंभीर रूप ले चुकी है।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर किसानों में नाराजगी बनी हुई है और अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।









