Burhanpur MP News : बुरहानपुर (मध्यप्रदेश)। बुरहानपुर कृषि उपज मंडी समिति के कर्मचारियों में आज राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा देखने को मिला। मंडी कर्मचारी महासंघ के बैनर तले कर्मचारियों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का यह विरोध मंडी बोर्ड पर कथित रूप से डाले जा रहे बड़े आर्थिक दबाव को लेकर है।
Burhanpur MP News : विरोध की मुख्य वजह : कर्ज का दबाव’
मंडी कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित के नेतृत्व में कर्मचारियों ने सुबह से ही काली पट्टी बांधकर काम किया। संतोष दीक्षित ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि राज्य सरकार भावांतर सोयाबीन योजना के लिए मंडी बोर्ड पर ₹1500 करोड़ का भारी-भरकम लोन लेने का दबाव बना रही है।
दीक्षित ने बताया कि यह दबाव ऐसे समय में बनाया जा रहा है, जब पहले से ही सरकार द्वारा लिए गए हजारों करोड़ रुपए का कर्ज अभी तक मंडी बोर्ड को वापस नहीं किया गया है।
‘बोर्ड की आय कम, लोन चुकाना असंभव’
कर्मचारियों का कहना है कि मंडी बोर्ड की सालाना आय महज ₹300 करोड़ के आसपास है, जिसका अधिकांश हिस्सा कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में ही खर्च हो जाता है। ऐसे में ₹1500 करोड़ का नया लोन लेना और पुराना बकाया वापस न मिलना मंडी बोर्ड की आर्थिक सेहत के लिए घातक सिद्ध होगा।
29 अक्टूबर को प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
मंडी कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया और लोन लेने का दबाव बंद नहीं किया गया, तो 29 अक्टूबर को प्रदेशभर के मंडी कर्मचारी एकदिवसीय अवकाश लेकर मंडी बोर्ड कार्यालय का घेराव करेंगे। इस प्रदेशव्यापी आंदोलन से किसानों और व्यापारियों के काम पर व्यापक असर पड़ सकता है।







