Monday, August 17, 2026
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Ram Mandir Case: राम मंदिर चढ़ावा गबन मामला: SIT को मिला 15 दिन का अतिरिक्त समय, बढ़ेगा जांच का दायरा

Ram Mandir Case: अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हुए करोड़ों रुपये के चढ़ावा गबन और वित्तीय अनियमितता मामले में न्याय व्यवस्था और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े रुख और सीधे निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) को अब इस संवेदनशील मामले की पड़ताल के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दे दिया गया है।

इस प्रशासनिक मोहलत के बाद अब जांच का दायरा व्यापक रूप से बढ़ाया जाएगा, जिसके तहत नए कूटनीतिक बिंदुओं, बैंक दस्तावेजों और पर्दे के पीछे सक्रिय संदिग्ध भूमिकाओं को खंगाला जाएगा। दूसरी तरफ, न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेशानुसार मामले में संलिप्त सभी 8 नामजद आरोपियों की न्यायिक अभिरक्षा (रिमांड) आगामी 13 जुलाई 2026 तक के लिए बढ़ा दी गई है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई आरोपियों की पेशी; चंपत राय और अनिल मिश्रा ने त्यागा पद

सुरक्षा और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा सभी 8 नामजद आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के तर्कों और एसआईटी की आवश्यकता को देखते हुए रिमांड अवधि बढ़ाने की स्वीकृति दे दी।

इधर, वित्तीय हेराफेरी के आरोपों और भारी सामाजिक-राजनैतिक दबाव के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। गबन का मामला आधिकारिक रूप से सामने आने के बाद से ही इन दोनों शीर्ष पदाधिकारियों पर नैतिक जिम्मेदारी के तहत पद त्यागने का अभूतपूर्व दबाव बना हुआ था।

पूर्व मंत्री के खुलासे से लेकर पीएमओ की दखल तक: गबन मामले की पूरी टाइमलाइन

अयोध्या के इस बहुचर्चित चढ़ावा चोरी प्रकरण के उद्भेदन से लेकर अब तक की महत्वपूर्ण प्रशासनिक और राजनैतिक कड़ियों का क्रमिक विवरण इस प्रकार है:

  • चोरी का मुद्दा उठा
07 जून 2026

समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने प्रेस वार्ता कर राम मंदिर में लगभग 5 से 7.5 करोड़ रुपये के चढ़ावे की चोरी और वित्तीय गबन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।

  • स्वतः संज्ञान की अपील
08 जून 2026

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने इस कथित महाघोटाले पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए माननीय न्यायालय से मामले का स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेने की सार्वजनिक अपील की।

  • CBI और ED की मांग
09 जून 2026

भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने सीधे प्रधानमंत्री को पत्र प्रेषित कर मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से उच्च स्तरीय जांच कराने का आग्रह किया। इसी दिन निर्माण समिति अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने लेखा-जोखा पर ट्रस्टियों संग आपात बैठक की।

  • PMO ने मांगी रिपोर्ट
10 जून 2026

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने सक्रियता दिखाई और मंदिर ट्रस्ट से पूरे मामले पर विस्तृत एवं प्रामाणिक रिपोर्ट तलब की। हालांकि, तत्कालीन महासचिव चंपत राय ने प्रारंभिक तौर पर इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया था।

  • एसआईटी गठन और प्राथमिकी
11 जून 2026

पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह का बयान सामने आने और सीएम योगी के हस्तक्षेप के बाद गठित एसआईटी की आरंभिक रिपोर्ट पर ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में 8 लोगों के विरुद्ध नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज की गई।

इन 8 नामजद आरोपियों के ठिकानों पर दबिश, हो सकते हैं कई और बड़े खुलासे

पुलिस प्रशासन द्वारा गिरफ्तार किए गए नामजद आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और श्री राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू शामिल हैं। पुलिस रिमांड के दौरान इन आरोपियों से की जा रही सघन पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य और वित्तीय विसंगतियों के सुराग हाथ लगे हैं।

एसआईटी की टीमों ने आरोपियों के पैतृक और वर्तमान निवास स्थानों पर दबिश देकर कई महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए हैं। सूत्रों का दावा है कि बढ़े हुए 15 दिनों के जांच काल में कुछ अन्य रसूखदार चेहरों के नाम भी इस सिंडिकेट में शामिल हो सकते हैं।

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