अंबिकापुर। Nishaanebaz.com-Ambikapur Teachers Felicitation Event: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला मुख्यालय स्थित भामाशाह छात्रावास एवं साहू धर्मशाला अंबिकापुर में जिला साहू संघ सरगुजा के संयोजन में संभाग स्तरीय शिक्षक सम्मेलन एवं सेवानिवृत्त शिक्षक सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस गरिमामय समारोह में सरगुजा संभाग के छह जिलों से पहुंचे करीब 130 सेवानिवृत्त शिक्षकों को शाल, श्रीफल और स्मृति चिह्न भेंटकर समाज द्वारा भावभीना सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा आराध्य देवी भक्त माता कर्मा के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन, पूजा-अर्चना और संगीतमय आरती के साथ हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में केआर साहू, विशिष्ट अतिथि रघुनाथ प्रसाद साहू एवं सुखदेव साहू उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला साहू संघ सरगुजा के अध्यक्ष सुरेश प्रसाद गुप्ता ने की। इस सम्मेलन में सरगुजा संभाग के सभी छह जिलों के साहू समाज के जिलाध्यक्षों की उपस्थिति रही, जिनमें सरगुजा से सुरेश प्रसाद गुप्ता, जशपुर से सुरेंद्र प्रसाद गुप्ता, बलरामपुर से बंशीधर गुप्ता, सूरजपुर से रामलल्लू साहू, कोरिया से जगदीश साहू और एमसीबी जिले से मनमोहन साहू शामिल हुए।
समारोह को संबोधित करते हुए जिला साहू संघ सरगुजा के अध्यक्ष सुरेश प्रसाद गुप्ता ने कहा कि शिक्षक केवल अध्यापन का कार्य नहीं करते, बल्कि वे समाज और राष्ट्र के सच्चे निर्माता होते हैं। उन्होंने कहा कि जिन सेवानिवृत्त शिक्षकों का आज अभिनंदन किया गया है, उन्होंने अपने जीवन का बहुमूल्य समय विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और समाज के निर्माण में समर्पित किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘एक शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता, क्योंकि उनके द्वारा दिए गए संस्कार, मार्गदर्शन और ज्ञान की ज्योति पीढ़ियों तक समाज को सही दिशा दिखाती रहती है।’
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य अतिथियों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और सामाजिक चेतना जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सेवानिवृत्ति के पश्चात भी उनके समृद्ध अनुभव और विचार समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहते हैं। कार्यक्रम के माध्यम से समाज में गुरुजनों के प्रति आदर भाव, सामाजिक एकजुटता और नई पीढ़ी को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने का सशक्त संदेश दिया गया। इस सफल आयोजन का कुशल संचालन मीरा साहू ने किया, जिसमें साहू समाज के वरिष्ठजनों, पदाधिकारियों, मातृशक्ति और बड़ी संख्या में समाज बंधुओं की सक्रिय सहभागिता रही।






