Damoh Panchayat Scam: दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले की ग्राम पंचायत करौंदी सिंगौरगढ़ में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग और निर्माण कार्यों में कथित भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर चेक डैम और श्मशान घाट निर्माण कार्यों की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।ग्रामीणों का आरोप है कि लाखों रुपये की लागत से किए गए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के मानकों की अनदेखी की गई और सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया।
चेक डैम निर्माण में अनियमितता का आरोप
Damoh Panchayat Scam:ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम गाड़ाघाट के दुनाव नाला पर लगभग 4.75 लाख रुपये की लागत से बनाए गए चेक डैम के निर्माण में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के दौरान बीच-बीच में केवल पत्थर भर दिए गए, जबकि घटिया रेत और कम सीमेंट का इस्तेमाल किया गया। उनका दावा है कि निर्माण की गुणवत्ता इतनी खराब है कि पहली ही बारिश में चेक डैम के क्षतिग्रस्त होने की आशंका है।इसके अलावा यह भी आरोप लगाया गया है कि चेक डैम का निर्माण उचित स्थान के बजाय गलत जगह पर किया गया और गुणवत्तापूर्ण कार्य किए बिना ही भुगतान कर दिया गया।
श्मशान घाट निर्माण में भी गड़बड़ी का आरोप
Damoh Panchayat Scam:ग्रामीणों ने पांचवें राज्य वित्त आयोग की लगभग 7.30 लाख रुपये की राशि से स्वीकृत श्मशान घाट सौंदर्यीकरण एवं पेवर ब्लॉक निर्माण में भी गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है।ज्ञापन के अनुसार, नए निर्माण के नाम पर पुराने पत्थरों और पुराने गेट का उपयोग किया गया, जबकि रिकॉर्ड में नए निर्माण का भुगतान दर्शाया गया। साथ ही निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग का भी आरोप लगाया गया है।
तकनीकी जांच और कार्रवाई की मांग
Damoh Panchayat Scam:ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दोनों निर्माण कार्यों का मौके पर जाकर तकनीकी निरीक्षण कराया जाए और गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए।यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित सरपंच, सचिव, निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए सरकारी राशि की वसूली की जाए।
प्रशासन से पारदर्शी जांच की उम्मीद
Damoh Panchayat Scam:ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना जरूरी है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो सरकारी धन की हानि के साथ-साथ ग्रामीणों को भी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा।फिलहाल ज्ञापन के बाद मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।







