Ujjain Jackal Hunting: उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन से अंधविश्वास से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। तंत्र-मंत्र और सिद्धि पाने की चाह में एक युवक ने तीन संरक्षित सियारों का शिकार कर उनकी हत्या कर दी। आरोपी ने पूरी वारदात का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया था। यही वीडियो उसके अपराध का सबसे बड़ा सबूत बन गया। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
पुराने मामले की जांच में खुला सनसनीखेज राज
Ujjain Jackal Hunting: जानकारी के अनुसार, यह घटना 23 मई की है, लेकिन इसका खुलासा अब हुआ है।जीवाजीगंज थाना पुलिस ने एक अन्य मामले में मिथुन पिता राजू को हिरासत में लिया था। पूछताछ के दौरान जब पुलिस ने उसके मोबाइल फोन की जांच की, तो उसमें तीन वीडियो मिले। इन वीडियो में आरोपी जंगल में सियारों का शिकार करते और उनकी हत्या करते हुए दिखाई दिया।वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत वन विभाग को इसकी जानकारी दी।
वीडियो से हुई सियारों के शिकार की पुष्टि
Ujjain Jackal Hunting:वन विभाग की टीम ने वीडियो की जांच की और पुष्टि की कि जिन वन्यजीवों का शिकार किया गया, वे संरक्षित सियार (Jackals) थे।पूछताछ में आरोपी ने तीन सियारों के शिकार की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद वन विभाग ने उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
तंत्र-मंत्र की सिद्धि के लिए किया शिकार
Ujjain Jackal Hunting: प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अंधविश्वास का शिकार था। उसे यह भ्रम था कि सियार के अंगों का उपयोग करने से तांत्रिक सिद्धि और विशेष शक्तियां प्राप्त होती हैं।इसी अंधविश्वास के चलते उसने तीन सियारों की हत्या कर दी।हालांकि, जांच एजेंसियां अभी इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि आरोपी किसी तांत्रिक गिरोह या वन्यजीव तस्करी नेटवर्क से जुड़ा था या नहीं।
आरोपी के ठिकानों पर वन विभाग की छापेमारी
Ujjain Jackal Hunting: वन विभाग ने आरोपी के ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। अधिकारियों की टीम वन्यजीवों के अवशेष, शिकार में इस्तेमाल सामग्री और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने में लगी है।साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस अवैध शिकार में आरोपी के साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे।
गैर-जमानती धाराओं में दर्ज हुआ केस
Ujjain Jackal Hunting: आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सियार संरक्षित वन्यजीव है और उसका शिकार कानून के तहत गंभीर अपराध माना जाता है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत की मांग की जाएगी।
वन विभाग की अपील
Ujjain Jackal Hunting: वन विभाग ने लोगों से अंधविश्वास से दूर रहने और वन्यजीवों की सुरक्षा में सहयोग करने की अपील की है।विभाग का कहना है कि वन्यजीव प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं। यदि कहीं भी वन्यजीवों के शिकार या तस्करी की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस या वन विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।







