Monday, August 17, 2026
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Balrampur Canal Collapse: पहली ही बारिश में बह गई 5 करोड़ की निर्माणाधीन नहर! गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल, ग्रामीणों ने जांच और कार्रवाई की उठाई मांग

Balrampur Canal Collapse: बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में जल संसाधन विभाग की भाला-गिरवानी नहर परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पहली ही मूसलाधार बारिश में निर्माणाधीन कंक्रीट नहर क्षतिग्रस्त हो गई। करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस नहर के टूटने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों और किसानों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।नहर के टूटने से न केवल सरकारी निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि इस परियोजना से सिंचाई की उम्मीद लगाए बैठे सैकड़ों किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।

पहली बारिश का दबाव भी नहीं झेल सकी नहर

Balrampur Canal Collapse: ग्रामीणों का कहना है कि जिस नहर का निर्माण अभी पूरा भी नहीं हुआ था, वह पहली ही तेज बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई। उनका आरोप है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार किया गया होता, तो इतनी जल्दी नहर नहीं टूटती।ग्रामीणों के मुताबिक यह घटना निर्माण में लापरवाही और घटिया गुणवत्ता की ओर इशारा करती है।

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पहले भी की थी गुणवत्ता की शिकायत

Balrampur Canal Collapse: स्थानीय किसान सरवन सोनी, इफ्तेखार खान, विनीत गुप्ता और रामकुमार धुर्वे ने बताया कि निर्माण कार्य शुरू होने के बाद से ही उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों को गुणवत्ता संबंधी शिकायतें दी थीं।किसानों का आरोप है कि निर्माण में मानक के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा था। साथ ही कंक्रीट की उचित देखरेख, पटाई (क्योरिंग) और तकनीकी प्रक्रियाओं का भी सही ढंग से पालन नहीं किया गया।इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों ने शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

इंजीनियर और तकनीकी स्टाफ के नदारद रहने का आरोप

Balrampur Canal Collapse: ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर विभाग के जिम्मेदार इंजीनियर नियमित रूप से मौजूद नहीं रहते थे। वहीं ठेकेदार के तकनीकी कर्मचारी भी अधिकांश समय अनुपस्थित रहते थे।उनका कहना है कि निगरानी की कमी के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ और उसका नतीजा पहली ही बारिश में नहर टूटने के रूप में सामने आया।

सैकड़ों किसानों की उम्मीदों को झटका

Balrampur Canal Collapse: भाला और विजयनगर क्षेत्र के सैकड़ों किसान इस परियोजना के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। इस नहर के माध्यम से खेतों तक सिंचाई सुविधा पहुंचने की उम्मीद थी।लेकिन निर्माणाधीन नहर के क्षतिग्रस्त होने से किसानों में चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि अभी गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में पूरी परियोजना प्रभावित हो सकती है और करोड़ों रुपये की सरकारी राशि व्यर्थ चली जाएगी।

ग्रामीणों की मांग- हो तकनीकी जांच, दोषियों पर कार्रवाई

Balrampur Canal Collapse: ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए।साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कर दोषी अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।ग्रामीणों का कहना है कि किसानों से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परियोजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

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एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने क्या कहा?

Balrampur Canal Collapse: मामले में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर नारायण प्रसाद डहरिया ने बताया कि नहर में क्रॉस ड्रेनेज (CD) संरचना का निर्माण किया जाना था, जिसके लिए ठेकेदार को पहले ही निर्देश दिए गए थे। इसी दौरान अचानक भारी बारिश होने से निर्माणाधीन कैनाल क्षतिग्रस्त हो गई।उन्होंने कहा कि कार्य अभी निर्माणाधीन है। क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्निर्माण ठेकेदार से कराया जाएगा। यदि जांच में किसी भी अधिकारी या ठेकेदार की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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