Datia Murder Case: दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया जिले में पुलिस ने 11 महीने पुराने ब्लाइंड मर्डर केस का सनसनीखेज खुलासा करते हुए रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली सच्चाई सामने लाई है। महज 40 हजार रुपये के विवाद में एक बेटे ने अपने ही पिता की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने अपने ताऊ के साथ मिलकर शव को ठिकाने लगाने और साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। लंबे समय तक पुलिस को गुमराह करने के बाद आखिरकार दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए।पुलिस ने इस मामले में मृतक के बेटे नितिन बुंदेला और उसके ताऊ कल्ली उर्फ अस्पेंद्र सिंह बुंदेला को गिरफ्तार कर लिया है।
11 महीने से लापता था किसान, भाई ने जताई थी हत्या की आशंका
Datia Murder Case: पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बड़ौनी थाना क्षेत्र के छता गांव निवासी उदयभान सिंह बुंदेला पिछले 11 महीने से लापता थे। शुरुआत में उनका कोई सुराग नहीं मिला।28 जून को उनके भाई ने बड़ौनी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराते हुए हत्या की आशंका जताई। इसके बाद पुलिस ने मामले की दोबारा गंभीरता से जांच शुरू की और हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की।
बेटे पर गया शक, पूछताछ में खुला पूरा राज
Datia Murder Case: जांच के दौरान पुलिस को मृतक के बेटे नितिन बुंदेला की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पूछताछ में वह लगातार अलग-अलग बयान देकर पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने पूरा सच कबूल कर लिया।
ट्रैक्टर की किश्त के लिए मिले थे 40 हजार रुपये
Datia Murder Case: एसपी के मुताबिक, उदयभान सिंह ने ट्रैक्टर की किश्त जमा कराने के लिए बेटे नितिन को 40 हजार रुपये दिए थे। लेकिन नितिन ने वह रकम खर्च कर दी। जब पिता ने पैसों का हिसाब मांगा तो दोनों के बीच विवाद हो गया।गुस्से में आकर नितिन ने कुल्हाड़ी से पिता पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
ताऊ ने दिया साथ, शव ठिकाने लगाने की रची साजिश
Datia Murder Case: हत्या के बाद नितिन ने अपने ताऊ कल्ली उर्फ अस्पेंद्र सिंह बुंदेला को पूरी घटना बताई। दोनों ने मिलकर शव को कथरी में लपेटा और सामली नदी में फेंक दिया, ताकि हत्या का कोई सबूत न मिले।पुलिस के अनुसार आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की भी पूरी कोशिश की, जिससे मामला लंबे समय तक ब्लाइंड मर्डर बना रहा।
आरोपियों की निशानदेही पर मिले अहम सबूत
Datia Murder Case: दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी, मृतक की हड्डियां, खाट, कपड़े और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। बरामद साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हत्या की पूरी कड़ी जोड़ ली है।
11 महीने पुरानी गुत्थी सुलझी
Datia Murder Case: पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, पूछताछ और बरामदगी के आधार पर 11 महीने पुराने इस ब्लाइंड मर्डर केस का सफलतापूर्वक खुलासा किया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
Datia Murder Case: इस हत्याकांड के खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह राजपूत, उपनिरीक्षक हिमांशु भार्गव, सहायक उपनिरीक्षक मलखान सिंह, प्रधान आरक्षक अनुरोध पावन, सुनील श्रीवास्तव, नंदकिशोर चौबे, आरक्षक अंकित शर्मा, आनंद गमों, मुकुल सागोरिया, हरेन्द्र शर्मा, हेमंत प्रजापति और विक्रम भदौरिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।







