भोपाल : पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद नामकरण को लेकर IAS नियाज खान का बयान फिर सुर्खियों में है। हमेशा अपने मुखर विचारों के लिए चर्चित रहने वाले नियाज खान ने एक्स (Twitter) पर पोस्ट करते हुए कहा कि मस्जिद का नाम ‘बाबरी’ रखना हिंदू भावनाओं का अपमान है। उन्होंने लिखा—“यह एक नूसेंस है। बाबर एक आक्रमणकारी था, उसके नाम की मस्जिद बनाना हिंदुओं का अपमान है। मेरे मजहब के लोगों को ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए, जिससे हिंदुओं की भावना आहत हो।”
‘विदेशी का महिमामंडन न हो’
IAS नियाज खान ने अपनी पोस्ट में आगे कहा कि इस तरह के नामकरण से देश का माहौल खराब होगा। समाज में अनावश्यक तनाव पैदा होगा।उन्होंने अपील की कि मस्जिद का कोई और नाम रखा जाए ताकि किसी भी समुदाय की धार्मिक भावना आहत न हो।उनकी इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छिड़ गई है, जहां कई लोग उनके समर्थन में दिखे तो कुछ ने आलोचना भी की।
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क्या है पश्चिम बंगाल का नया बाबरी मस्जिद विवाद?
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में TMC से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने हाल ही में एक मस्जिद की नींव रखी, जिसे ‘बाबरी मस्जिद’ नाम दिया गया।नाम सामने आते ही विवाद शुरू हो गया। मस्जिद निर्माण के लिए ईंट और चंदा इकट्ठा किया गया तथा 6 दिसंबर को धर्मगुरुओं ने विशेष दुआ भी की।लेकिन जैसे ही नाम बाबरी मस्जिद बताया गया, राजनीतिक और धार्मिक विवाद गहरा गया।
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यह एक न्यूसेंस है।बाबर आक्रमणकारी था उसके नाम की मस्जिद बनाना हिंदुओं का अपमान है।यह देश के फिज़ा को ख़राब करेगा। मेरे मज़हब के लोगों को कोई ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे हिन्दुओं की भावना आहत हो। मस्जिद का कोई और नाम रख लिया जाय। विदेशी का महिमामंडन न हो https://t.co/yIDXhCOLcg
— NIYAZ KHAN (@saifasa) December 6, 2025
बाबरी ढांचा विवाद और सुप्रीम कोर्ट का फैसला
6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद का ढांचा ढहा दिया गया था।
इसके बाद मामला हाई कोर्ट से होते हुए सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए विवादित भूमि रामलला पक्ष को दी व 2.77 एकड़ क्षेत्र में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया।इसके बदले मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या से 25 किमी दूर 5 एकड़ भूमि आवंटित की गई, जहां पर अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
कौन हैं IAS नियाज खान?
नियाज खान मूलतः छत्तीसगढ़ के निवासी हैं और MPPSC के जरिए प्रशासनिक सेवा में आए थे।2015 में प्रमोट होकर IAS बने। वे अब तक 10 उपन्यास लिख चुके हैं, जिनमें ब्राह्मण द ग्रेट पार्ट-2 भी शामिल है।उनके एक उपन्यास पर वेब सीरीज़ भी बनाई जा चुकी है।अक्सर अपने विचारों और टिप्पणियों के कारण चर्चा में रहने वाले नियाज खान वर्तमान में लोक निर्माण विभाग (PWD), मध्य प्रदेश में पदस्थ हैं।











