गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। जिले के घरघोड़ा जनपद में ग्राम पंचायत छोटे-गुमड़ा में विकास के नाम पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव ने लाखों रुपये की सरकारी राशि फर्जी आहरण कर गबन कर ली, जबकि अधिकतर योजनाओं का कोई काम धरातल पर नहीं हुआ।
योजनाओं में फर्जीवाड़ा
स्थानीय लोगों के अनुसार, पंचायत सचिव ने 15वें वित्त आयोग की मूलभूत सुविधाओं, बोर निर्माण और मरम्मत, स्कूल बाउंड्रीवाल, उप स्वास्थ्य केंद्र की मरम्मत और नाली निर्माण जैसी कई योजनाओं के नाम पर राशि आहरित की। हकीकत में इन योजनाओं का कोई नामोनिशान नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि सचिव ने कागजों में काम दिखाकर पैसे निकाल लिए और सरपंच के साथ मिलीभगत कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
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फर्जी रिकॉर्ड और दस्तावेज
स्थानीय सूत्रों ने बताया कि सचिव ने रिकॉर्ड में फर्जी हस्ताक्षर और माप पुस्तिका (MB) का इस्तेमाल कर भुगतान प्रक्रिया पूरी की। वहीं, निर्माण स्थल पर न तो सामग्री पहुँची और न ही कोई ठेकेदार काम पर दिखाई दिया। ग्रामीण सवाल कर रहे हैं – “जब काम हुआ ही नहीं, तो पैसा कहां गया?”
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जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत अनुविभागीय दण्डाधिकारी (एसडीएम) घरघोड़ा से की है। उन्होंने आहरित राशि की जांच और सचिव के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इस घोटाले ने पंचायत की साख पर गंभीर चोट पहुंचाई है और सवाल उठाया है कि ग्राम स्तर पर शासन की योजनाएं आखिर किसके जेब में जा रही हैं।











