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Income Tax Law : शादी में मिले कैश गिफ्ट पर टैक्स लगेगा या नहीं? जानिए क्या कहता है आयकर कानून…

Income Tax Law : नई दिल्ली, 25 अगस्त 2025 भारत में शादियों के दौरान लाखों रुपये के गिफ्ट, नकद और महंगी चीजें देना आम बात है। लेकिन सवाल उठता है कि अगर दूल्हा या दुल्हन को शादी के मौके पर ₹20 लाख कैश गिफ्ट के रूप में मिले, तो क्या इस रकम पर इनकम टैक्स देना होगा?

Income Tax Law : इस सवाल का जवाब सीधे आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 56(2)(x) में मिलता है। जानिए इस मामले में कानून क्या कहता है और क्या सावधानियां बरतनी जरूरी हैं।

शादी के गिफ्ट टैक्स फ्री, लेकिन शर्तें लागू

आयकर अधिनियम की धारा 56 के मुताबिक, शादी के अवसर पर दूल्हा या दुल्हन को मिलने वाले गिफ्ट (चाहे कैश हो या वस्तु), टैक्स के दायरे से बाहर होते हैं। इस नियम में यह स्पष्ट है कि चाहे रकम कितनी भी हो, अगर वह शादी के अवसर पर मिली है, तो उस पर टैक्स नहीं देना होगा।

इसका मतलब यह है कि अगर किसी व्यक्ति को शादी के दिन या आसपास के समय में कुल ₹20 लाख रुपये कैश गिफ्ट के रूप में मिलते हैं, तो वह इनकम टैक्स के तहत टैक्सेबल इनकम नहीं मानी जाएगी — बशर्ते वह गिफ्ट दूल्हा या दुल्हन को मिला हो।

गैर-रिश्तेदारों से गिफ्ट पर अलग नियम

हालांकि, यह छूट तभी मान्य होती है जब गिफ्ट शादी के मौके पर मिला हो। सामान्य स्थिति में, अगर किसी व्यक्ति को किसी गैर-रिश्तेदार से साल भर में ₹50,000 से अधिक का गिफ्ट मिलता है, तो वह टैक्स के दायरे में आता है।

लेकिन शादी के अवसर पर, रिश्तेदार या गैर-रिश्तेदार — सभी से मिले गिफ्ट टैक्स फ्री होते हैं। यह नियम सिर्फ शादी के मौके पर लागू होता है।

नकद लेन-देन में बड़ी सावधानी जरूरी

एक तरफ जहां गिफ्ट टैक्स फ्री हैं, वहीं दूसरी ओर आयकर कानून में नकद लेन-देन पर कड़े प्रतिबंध हैं। धारा 269ST के तहत, एक व्यक्ति एक दिन में किसी अन्य व्यक्ति से ₹2 लाख से ज्यादा कैश नहीं ले सकता।

इस नियम के तहत:

  • एक ही व्यक्ति से ₹2 लाख से ज्यादा नकद लेने पर 100% पेनल्टी लग सकती है।

  • उदाहरण के लिए, अगर शादी में किसी एक मेहमान ने ₹3 लाख कैश दिया है, तो यह नियम का उल्लंघन माना जाएगा, और ₹3 लाख की पूरी पेनल्टी लग सकती है।

इसलिए सलाह दी जाती है कि कोई भी बड़ा गिफ्ट कैश में लेने के बजाय चेक, NEFT, RTGS या अन्य डिजिटल माध्यमों से लिया जाए।

ITR में डिक्लेरेशन क्यों जरूरी है?

भले ही शादी में मिला गिफ्ट टैक्स फ्री हो, लेकिन आयकर रिटर्न (ITR) में इसे “Exempt Income” के रूप में दिखाना जरूरी है। इससे आयकर विभाग को यह स्पष्ट होता है कि यह आय किसी विशेष अवसर पर प्राप्त हुई है, और कर योग्य नहीं है।

इसके लिए:

  • गिफ्ट देने वाले व्यक्ति का नाम, पहचान (यदि संभव हो), और ट्रांजैक्शन का विवरण रखें।

  • बैंक स्टेटमेंट या गिफ्ट डीड जैसे दस्तावेज संभाल कर रखें।

एक नजर में: शादी के गिफ्ट पर टैक्स नियम

नियम / स्थिति टैक्स स्थिति
शादी में दूल्हा/दुल्हन को गिफ्ट टैक्स फ्री (कोई लिमिट नहीं)
शादी में परिवार को गिफ्ट (₹50,000 से अधिक) टैक्स योग्य
शादी के अलावा गिफ्ट (गैर-रिश्तेदार से) ₹50,000 तक टैक्स फ्री, उससे ऊपर टैक्स
₹2 लाख से ज्यादा नकद गिफ्ट (किसी एक से) पेनल्टी लग सकती है
ITR में डिक्लेरेशन जरूरी, “Exempt Income” सेक्शन में
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