Saturday, August 15, 2026
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गौठान योजना बंद होने पर भूपेश बघेल का हमला, कहा—गायों को मरने के लिए सड़कों पर छोड़ दिया गया

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गौठान योजना : रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सड़कों पर मवेशियों की मौत और धर्मांतरण को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गौठान योजना को बंद कर दिया गया है और सरकार की ओर से घोषित गौ अभयारण्य और गोधाम योजना अब तक शुरू नहीं की गई है।

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पूर्व सीएम ने कहा कि किसानों की फसलें खेतों में हैं, ऐसे में वे मवेशियों को भगाने के लिए मजबूर हैं जिससे जानवर सड़कों पर पहुंच रहे हैं। बारिश के समय मच्छरों और मक्खियों से बचने के लिए मवेशी सड़कों पर बैठते हैं, जिससे लगातार हादसे हो रहे हैं। भूपेश बघेल ने यह बयान दिल्ली से लौटने के बाद रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में दिया।

भाजपा की प्रतिक्रिया में पार्टी प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास ने कहा कि गौ अभयारण्य का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है और इसे जल्द मूर्त रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर मवेशियों की मौत दुखद है और प्रशासन को पेट्रोलिंग बढ़ाने व मवेशियों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

बिलासपुर-रायपुर हाईवे पर पिछले 20 दिनों में 50 से ज्यादा गौवंशों की मौत हो चुकी है। हाईकोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए राज्य शासन को आदेश जारी किया था कि सड़कों से मवेशियों को हटाया जाए। बावजूद इसके हाईवे और अन्य सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा बना हुआ है।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सड़कों पर मवेशियों की वजह से हो रही दुर्घटनाओं को लेकर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा था कि यह सिर्फ एक जिले की नहीं, पूरे प्रदेश की समस्या है और इसका हल संयुक्त प्रयासों से ही हो सकता है। कोर्ट ने राज्य सरकार और एनएचएआई को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सड़कों से मवेशियों को हटाया जाए।

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बिलासपुर कलेक्टर ने बताया कि जिले में धारा 163 लागू कर दी गई है, जिसके तहत मवेशियों को सड़कों पर छोड़ने वाले पालकों पर जुर्माना और एफआईआर का प्रावधान है। अब तक कई गौ पालकों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

यह मामला प्रदेश की प्रशासनिक लापरवाही और नीतिगत ढिलाई को उजागर करता है, जहां न गौवंश सुरक्षित हैं और न ही सड़क पर चलने वाले नागरिक।

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