Cattle Smuggling Arrest : गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़/भूपदेवपुर। छत्तीसगढ़ की रायगढ़ पुलिस ने “ऑपरेशन तलाश” के तहत गौवंश तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। भूपदेवपुर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो महिंद्रा स्कॉर्पियो में मवेशियों को क्रूरतापूर्वक भरकर बूचड़खाने ले जाने की फिराक में थे। पुलिस ने न केवल आरोपियों को दबोचा, बल्कि अमानवीय स्थिति में बांधकर रखे गए गौवंशों को सुरक्षित मुक्त भी कराया है।
अंधेरे का फायदा उठाकर भागे थे तस्कर घटना 28-29 अप्रैल की दरम्यानी रात की है, जब ग्राम कछार क्षेत्र में गश्त के दौरान पुलिस को संदिग्ध स्कॉर्पियो (OR-02 BL-2698) की सूचना मिली। पुलिस और डायल 112 को देखकर तस्करों ने भागने की कोशिश की, लेकिन वाहन खेत की मेड़ में फंस गया। इसके बाद आरोपी वाहन और उसमें लदे मवेशियों को छोड़कर फरार हो गए थे। पुलिस ने वाहन की तलाशी ली तो उसमें दो गौवंश पैर बंधे हुए और बिना चारा-पानी के पाए गए।
तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए वाहन पर मोटरसाइकिल की फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी। थाना प्रभारी संजय नाग के नेतृत्व में पुलिस ने इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर असली मालिकों का पता लगाया। मौके से मिले मोबाइल फोन और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस ग्राम कछार निवासी परशुराम राणा और यादराम राठिया तक पहुँचने में सफल रही।
बूचड़खाने ले जाने की थी योजना गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे ओडिशा के एक व्यक्ति के संपर्क में थे और गौवंश को अवैध रूप से बूचड़खाने पहुँचाने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।









