MP Cabinet Decisions : भोपाल। मध्य प्रदेश कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े कई बड़े निर्णयों पर मुहर लगाई गई है। कैबिनेट मंत्री चैतन्य कश्यप ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र के लिए उदारतापूर्वक बजट आवंटित किया है। बैठक में मुख्यमंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए आह्वान को प्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया।
विकास कार्यों के लिए भारी-भरकम बजट कैबिनेट ने प्रदेश में कुल 29,540 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को सैद्धांतिक मंजूरी दी है, जिसमें से 6,116 करोड़ रुपये की राशि तत्काल विकास कार्यों के लिए स्वीकृत की गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी सौगात देते हुए बुधनी में मेडिकल कॉलेज खोलने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अलावा, पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग में डामर के बढ़ते दामों से निपटने के लिए 10 करोड़ से कम की योजनाओं में दरों को एडजस्ट करने का निर्णय लिया गया है।
किसानों के लिए बड़ी राहत कृषि क्षेत्र में मध्य प्रदेश ने नया कीर्तिमान रचा है। पहली बार प्रदेश के 10 लाख किसानों से गेहूं का उपार्जन किया गया है। किसानों की सुविधा को देखते हुए गेहूं खरीदी की अवधि, जो 9 मई को समाप्त हो रही थी, उसे बढ़ाकर अब 23 मई कर दिया गया है। साथ ही, नीमच में मान सिंह शिवाजी जलाशय की ऊंचाई 1 मीटर बढ़ाने का फैसला लिया गया है, जिससे प्रेशर सिस्टम के जरिए पानी की सप्लाई होगी और करीब 6,500 किसान लाभान्वित होंगे।
सांस्कृतिक और पर्यावरणीय पहल सोमनाथ मंदिर पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि प्रदेश में भी प्रमुख मंदिरों के जीर्णोद्धार का कार्य जारी है। वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में कूनो नेशनल पार्क में दो और चीते छोड़े गए हैं, जिससे अब वहां चीतों की कुल संख्या 57 हो गई है। जल स्रोतों के संरक्षण के लिए ‘जल गंगा अभियान’ के तहत सफाई कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री की अपीलों का समर्थन कैबिनेट ने प्रधानमंत्री की उन अपीलों को दोहराया जो देश की अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य से जुड़ी हैं। इसमें विदेशी मुद्रा बचाने के लिए सोने की खरीदी कम करने (आयात 6 लाख करोड़ से अधिक होने के कारण), पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने, वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने और घरेलू पर्यटन को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। साथ ही, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाते हुए खाने के तेल के उपयोग में कटौती का सुझाव दिया गया है।









