Twisha Death Case: इंदौर। चर्चित ट्विशा डेथ मिस्ट्री मामले में जांच लगातार नए आयाम ले रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर पहलू की गहन जांच कर रही है और मुख्य आरोपी समर्थ सिंह से लगातार पूछताछ जारी है। पुलिस कमिश्नर Sanjay Kumar ने कहा कि जांच एजेंसियां आरोपी द्वारा दिए गए प्रत्येक बयान की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं और तथ्यों का अलग-अलग स्रोतों से सत्यापन किया जा रहा है।
Twisha Death Case: पुलिस के अनुसार पूछताछ केवल आरोपी के बयानों तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे जुड़ी परिस्थितियों, डिजिटल साक्ष्यों, वित्तीय लेनदेन और अन्य संभावित कड़ियों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि किसी भी आपराधिक मामले में आरोपी स्वयं को बचाने की कोशिश करता है, इसलिए उसके बयानों का स्वतंत्र रूप से क्रॉस-वेरिफिकेशन करना बेहद आवश्यक है।
हर दावे की हो रही पुष्टि
Twisha Death Case: पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जांच टीम पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों को तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों से मिलान कर रही है। आरोपी के बयान, घटनाक्रम और उपलब्ध प्रमाणों के बीच सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सके।
पूर्व जज गिरिबाला सिंह से भी पूछताछ
Twisha Death Case: मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम ने पूर्व न्यायाधीश Giribala Singh से भी पूछताछ की है। पुलिस अधिकारियों ने उनके निवास पर पहुंचकर मामले से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी जुटाई। जांच एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि घटना से संबंधित कोई भी तथ्य या कड़ी नजरअंदाज न हो।
बैंक खातों और कॉल रिकॉर्ड पर पुलिस की नजर
Twisha Death Case: जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस आरोपी समर्थ सिंह की बैंकिंग गतिविधियों और कॉल रिकॉर्ड की भी विस्तृत जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और डिजिटल कम्युनिकेशन से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि घटना से पहले और बाद में आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और उसकी गतिविधियां क्या थीं।
फरारी के दौरान किसने की मदद?
Twisha Death Case: पुलिस उन लोगों की भी पहचान करने में जुटी है जिन्होंने आरोपी की फरारी के दौरान मदद की हो सकती है। जांच टीम यह जानकारी एकत्र कर रही है कि आरोपी किन-किन स्थानों पर रुका, किससे मिला और उसे किस प्रकार की सहायता मिली। इसके लिए तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड का विश्लेषण किया जा रहा है।
सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित, छेड़छाड़ के संकेत नहीं
Twisha Death Case: मामले में सामने आई आशंकाओं को लेकर पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि अब तक की जांच में सीसीटीवी फुटेज से किसी प्रकार की छेड़छाड़ के प्रमाण नहीं मिले हैं। सभी वीडियो रिकॉर्डिंग का तकनीकी परीक्षण किया जा रहा है और विशेषज्ञों की मदद से डिजिटल साक्ष्यों की पुष्टि की जा रही है।
CBI जांच के सवाल पर पुलिस का जवाब
Twisha Death Case: सीबीआई जांच की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर पुलिस कमिश्नर ने कहा कि यदि शासन स्तर से मामले को Central Bureau of Investigation को सौंपने का निर्णय लिया जाता है, तो पुलिस विभाग नियमानुसार पूरी केस डायरी, दस्तावेज और जांच से संबंधित रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध करा देगा।









