Thursday, August 27, 2026
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी में बड़ा एक्शन! टिन्नू यादव-सुभाष की 7 दिन की रिमांड की मांग, अब खुलेंगे करोड़ों के राज?

Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या का चर्चित राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला अब जांच के सबसे अहम चरण में पहुंच गया है। पुलिस ने इस मामले के दो मुख्य आरोपियों टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव की सात दिन की कस्टडी रिमांड के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला सिर्फ चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूछताछ के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आ सकते हैं जो पूरे घटनाक्रम की तस्वीर बदल सकते हैं।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला में सभी आठ आरोपी फिलहाल 13 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में हैं। इसी बीच पुलिस ने अदालत में आवेदन देकर टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव को सात दिन की कस्टडी में लेकर पूछताछ की अनुमति मांगी है। जांच अधिकारियों का कहना है कि दोनों से आमने-सामने पूछताछ से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं।

मुख्य आरोपियों से खुल सकती है पूरी साजिश
जांच टीम का मानना है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला में टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव की भूमिका सबसे अहम रही है। पुलिस को शक है कि दोनों को चोरी की पूरी योजना, रकम के लेन-देन और अन्य जुड़े लोगों की जानकारी है। इसी वजह से कस्टडी रिमांड को जांच के लिए बेहद जरूरी माना जा रहा है।
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पहले भी कई घंटों तक हुई थी पूछताछ
इससे पहले राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला में पुलिस ने अन्य आरोपियों से भी लंबी पूछताछ की थी। अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश मिश्रा से करीब 40 घंटे तक सवाल-जवाब किए गए, जबकि अविनाश शुक्ला से भी कई घंटों तक पूछताछ हुई। इन पूछताछों के दौरान मिले इनपुट के आधार पर अब जांच का फोकस दो मुख्य आरोपियों पर आ गया है।

पैसों का पूरा ट्रेल खंगाल रही जांच एजेंसी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि चोरी की रकम आखिर कहां गई। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पैसा किन लोगों तक पहुंचा, किस माध्यम से भेजा गया और कहीं उसका निवेश तो नहीं किया गया। इसके लिए दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है।

डिजिटल सबूतों पर टिकी जांच
जांच अधिकारी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को इस केस की सबसे मजबूत कड़ी मान रहे हैं। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला में कॉल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल जानकारी की मदद से घटनाक्रम को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। माना जा रहा है कि इन सबूतों से कई नए नाम भी सामने आ सकते हैं।

देशभर की नजर अब कोर्ट और जांच पर
देशभर में चर्चा का विषय बने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला में अब सभी की निगाहें अदालत के फैसले पर हैं। यदि पुलिस को सात दिन की कस्टडी मिलती है तो जांच की दिशा और तेज हो सकती है। आने वाले दिनों में यह साफ हो सकेगा कि चोरी की पूरी साजिश कैसे रची गई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।

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