MP Environment: इंदौर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को इंदौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाए जा रहे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण कर प्रदेशवासियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहर में 51 हजार वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) इकाइयों की स्थापना के महाअभियान का भी शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
21 लाख पौधारोपण का लक्ष्य
MP Environment: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत इंदौर में 21 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि अभियान के पहले चरण में 51 हजार पौधों का सामूहिक पौधारोपण किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करना भी है।
51 हजार वर्षा जल संचयन इकाइयों की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने इंदौर को जल संरक्षण के क्षेत्र में नई दिशा देने के उद्देश्य से 51 हजार वर्षा जल संचयन इकाइयों के स्थापना अभियान का भी शुभारंभ किया।उन्होंने कहा कि वर्षा जल का संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और हर नागरिक को जल बचाने के लिए आगे आना चाहिए।
‘जल है तो कल है’ का दिया संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और वर्षा जल संचयन अपनाने की अपील करते हुए कहा—”जल है तो कल है। आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए हमें आज से ही पानी बचाने और प्रकृति की रक्षा करने का संकल्प लेना होगा।”
पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान
MP Environment: मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल सरकार के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। यदि प्रत्येक नागरिक अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे, तो पर्यावरण संरक्षण एक जनआंदोलन बन सकता है।उन्होंने लोगों से पौधारोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने की भी अपील की।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर मंत्री प्रहलाद पटेल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठनों के सदस्य, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने का संकल्प लिया।







