Ram Temple Trust: जबलपुर। जबलपुर में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस ने राम मंदिर ट्रस्ट की जमीन खरीद-फरोख्त को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता साधना भारती ने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट के माध्यम से जमीन खरीद में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं और करोड़ों रुपये के कथित घोटाले को अंजाम दिया गया है।
उन्होंने कहा कि यह ट्रस्ट सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद गठित किया गया था, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। कांग्रेस ने इस प्रकरण की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से समयबद्ध जांच कराने की मांग की है।
जमीन खरीद में अनियमितता का आरोप
Ram Temple Trust: प्रेसवार्ता के दौरान साधना भारती ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट ने जिन जमीनों की वास्तविक कीमत करोड़ों रुपये कम थी, उन्हें कई गुना अधिक कीमत पर खरीदा गया।
उन्होंने दावा किया कि—
- लगभग 2 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन को 18 करोड़ रुपये में खरीदा गया।
- 9 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन को 55 करोड़ रुपये में खरीदने का आरोप है।
- कुछ मामलों में नजूल भूमि की खरीद को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
कांग्रेस का कहना है कि इन सभी लेन-देन की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
Ram Temple Trust: कांग्रेस ने मांग की कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से कराई जाए और निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।पार्टी का कहना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े इस मामले में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद आवश्यक है और किसी भी प्रकार की अनियमितता की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
एफआईआर को लेकर भी उठाए सवाल
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मामले में कुछ प्रमुख पदाधिकारियों के नाम एफआईआर में शामिल नहीं किए गए। प्रेसवार्ता के दौरान चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के नामों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाए कि यदि आरोप लगाए जा रहे हैं, तो संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
राहुल गांधी पर पूछे गए सवाल का दिया जवाब
Ram Temple Trust: प्रेसवार्ता में राहुल गांधी के मंदिर न जाने से जुड़े सवाल पर साधना भारती ने कहा कि आस्था व्यक्ति के हृदय का विषय होती है। उन्होंने कहा कि सवाल उन लोगों से पूछा जाना चाहिए जो धार्मिक संस्थाओं से जुड़े होने के बावजूद उन पर लगे आरोपों के घेरे में हैं।
‘संसद से सड़क तक उठाएंगे मुद्दा’
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, तो पार्टी इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठाती रहेगी। उनका कहना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े किसी भी संस्थान में यदि वित्तीय अनियमितता हुई है, तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होना आवश्यक है।
जांच और आरोपों पर स्थिति
Ram Temple Trust: फिलहाल कांग्रेस ने प्रेसवार्ता में ये आरोप लगाए हैं और स्वतंत्र जांच की मांग की है। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि किसी जांच एजेंसी द्वारा नहीं हुई है। मामले में जांच या संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।







