Raigarh Police Accountability: गौरीशंकर गुप्ता\ लैलूंगा (रायगढ़)। रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र में अवैध गतिविधियों और कानून व्यवस्था को लेकर स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं और आरोप सामने आ रहे हैं। क्षेत्र के नागरिकों और विभिन्न सूत्रों के अनुसार कुछ पुलिसकर्मियों तथा स्वयं को पत्रकार बताने वाले व्यक्तियों की भूमिका को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप हैं कि कार्रवाई के नाम पर लोगों पर दबाव बनाकर कथित वसूली की जा रही है, जबकि क्षेत्र में सक्रिय बताए जा रहे अवैध कारोबारों पर अपेक्षित कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।
कार्रवाई के नाम पर कथित वसूली के आरोप
Raigarh Police Accountability:स्थानीय लोगों का आरोप है कि गांव-गांव जाकर शराब की जांच और अवैध कारोबार की रोकथाम के नाम पर कुछ लोगों द्वारा दबाव बनाकर धन उगाही की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मालवाहक और पिकअप वाहनों को रोककर पूछताछ की जाती है और कई मामलों में कथित रूप से वसूली की शिकायतें भी सामने आई हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गौ तस्करी और अन्य अवैध कारोबार को लेकर सवाल
Raigarh Police Accountability:क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि रात के समय कुछ संदिग्ध वाहन लगातार आवाजाही कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का दावा है कि गौ तस्करी, अवैध शराब और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को लेकर लंबे समय से शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन ठोस और प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस अधीक्षक तक सही जानकारी पहुंच रही है या नहीं?
Raigarh Police Accountability:क्षेत्रीय नागरिकों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि क्या वरिष्ठ अधिकारियों तक जमीनी हकीकत सही रूप में पहुंच रही है। लोगों का कहना है कि यदि लगातार शिकायतों और चर्चाओं के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है, तो इसकी निष्पक्ष समीक्षा आवश्यक है। कई नागरिकों का मानना है कि छोटे मामलों में कार्रवाई दिखाई देती है, लेकिन बड़े नेटवर्क या प्रभावशाली लोगों तक कार्रवाई पहुंचती नजर नहीं आती।
पत्रकारिता की आड़ में गतिविधियों पर भी सवाल
Raigarh Police Accountability:कुछ स्थानीय लोगों ने ऐसे व्यक्तियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं जो स्वयं को पत्रकार बताते हैं। आरोप है कि पत्रकारिता की पहचान का उपयोग कर कुछ लोग कथित रूप से प्रभाव बनाने और दबाव की राजनीति में सक्रिय हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन क्षेत्र में इस विषय को लेकर चर्चाएं लगातार जारी हैं।
वाहन रोककर पैसे लेने की शिकायतों की चर्चा
Raigarh Police Accountability:क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि एक वाहन मालिक ने कुछ लोगों द्वारा वाहन रोककर पैसे लेने की शिकायत की थी। बताया जाता है कि मामला थाना स्तर तक पहुंचा, लेकिन बाद में समझाइश और आपसी सहमति के आधार पर निपटा दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद लोगों के बीच पुलिस कार्रवाई की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
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जनता में बढ़ रही नाराजगी
Raigarh Police Accountability:लगातार उठ रहे आरोपों और चर्चाओं के बीच स्थानीय लोगों में असंतोष का माहौल देखा जा रहा है। सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि यदि शिकायतों की पारदर्शी जांच नहीं हुई तो कानून व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र पर लोगों का भरोसा प्रभावित हो सकता है।
निष्पक्ष जांच की मांग
Raigarh Police Accountability:क्षेत्र के नागरिकों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी पुलिसकर्मी, दलाल या पत्रकार के खिलाफ आरोप सही पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही अवैध कारोबार, तस्करी और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
Raigarh Police Accountability:फिलहाल इन आरोपों और चर्चाओं को लेकर किसी सक्षम अधिकारी की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में सभी तथ्यों की पुष्टि निष्पक्ष जांच के बाद ही हो सकेगी।









