निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : आतंकी फंडिंग मामले में आरोपी बारामूला के सांसद राशिद इंजीनियर को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। राशिद ने अपने बीमार पिता से मिलने के लिए जमानत की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया।
कोर्ट का फैसला
विशेष NIA न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद शुक्रवार को फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी के वकील और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के विशेष लोक अभियोजक की बातों पर विचार करते हुए अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया।
पिता की बीमारी का हवाला
सुनवाई के दौरान राशिद इंजीनियर के वकील ने दलील दी कि उनके पिता की हालत गंभीर है और वे वेंटिलेटर पर हैं, इसलिए मानवीय आधार पर अंतरिम जमानत दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राशिद की गिरफ्तारी राजनीतिक कारणों से हुई है।हालांकि, कोर्ट ने इन तर्कों को पर्याप्त आधार नहीं माना।
NIA का कड़ा विरोध
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जमानत याचिका का सख्त विरोध किया। एजेंसी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कहा कि राशिद को सिर्फ कस्टडी पैरोल दी जा सकती है, जिससे वे परिवार से मिल सकें।
NIA के वकील ने अदालत को बताया कि कस्टडी पैरोल के दौरान आरोपी सुरक्षा निगरानी में रहेंगे और निर्धारित समय के लिए ही बाहर जा सकेंगे।
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पहले मिल चुकी है राहत
इससे पहले राशिद इंजीनियर को संसद के बजट सत्र में हिस्सा लेने के लिए कस्टडी पैरोल दी गई थी। उन्हें उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान करने की अनुमति भी दी गई थी, लेकिन इसके लिए कोर्ट ने कुछ शर्तें निर्धारित की थीं।
मामला क्या है
राशिद इंजीनियर को वर्ष 2017 में आतंकी फंडिंग मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया गया था। वह 2019 से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं।
2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने उत्तर कश्मीर की बारामूला सीट से जीत हासिल की थी, जहां उन्होंने उमर अब्दुल्ला को बड़े अंतर से हराया था।
आगे क्या
फिलहाल राशिद इंजीनियर को अंतरिम जमानत नहीं मिली है, लेकिन उन्हें कस्टडी पैरोल के जरिए परिवार से मिलने का विकल्प दिया जा सकता है। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।











