C.G News : बस्तर-धमतरी में मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का खुलासा! विदेशी कार्ड से निकली करोड़ों की रकम

Rahul Goshwami

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क :
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों से जुड़ा एक बड़ा विदेशी फंडिंग का मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में देशभर के कई राज्यों में एक साथ छापेमारी करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग के एक संगठित नेटवर्क का खुलासा किया है।

विदेशी फंडिंग का बड़ा खुलासा

जांच के दौरान एजेंसी को पता चला कि विदेशी स्रोतों से भारत में बड़े पैमाने पर धनराशि लाई गई और उसका उपयोग संदिग्ध गतिविधियों में किया गया। ED के अनुसार, विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए करीब 95 करोड़ रुपये देश में निकाले गए, जिनमें से लगभग 6.5 करोड़ रुपये छत्तीसगढ़ के बस्तर और धमतरी जिलों में खर्च किए गए।
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डेबिट कार्ड के जरिए कैश निकासी

एजेंसी ने कार्रवाई के दौरान 25 विदेशी डेबिट कार्ड, करीब 40 लाख रुपये नकद, कई डिजिटल डिवाइस और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। जांच में सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था, ताकि बड़ी रकम को बिना संदेह के भारत में लाकर इस्तेमाल किया जा सके।

गिरफ्तारी से खुली कई परतें

मामले में ED ने मीका मार्क नाम के आरोपी को केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर जांच एजेंसी ने कई नए सुराग जुटाए हैं। अधिकारियों को आशंका है कि इस नेटवर्क में कई और लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी भूमिका की जांच जारी है।

देशभर में सर्च ऑपरेशन

18 और 19 अप्रैल को ED ने देश के विभिन्न राज्यों में 6 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और दस्तावेजों की बरामदगी हुई, जिससे मामले के तार The Timothy Initiative (TTI) नामक संगठन से जुड़े पाए गए हैं। एजेंसी अब इन दस्तावेजों का विश्लेषण कर पूरे फंडिंग नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। नक्सल प्रभावित इलाकों में विदेशी फंडिंग के इस्तेमाल को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं, लेकिन इस बार सामने आए आंकड़े और तरीके ने मामले को और गंभीर बना दिया है।

जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद

फिलहाल ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस फंडिंग का अंतिम उद्देश्य क्या था और इसका इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया गया। एजेंसी का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश संभव है।

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