रायपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के हजारों कर्मचारियों के लिए मुख्यमंत्री द्वारा की गई बड़ी घोषणा अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में NHM कर्मचारियों को 33 दिन की हड़ताल अवधि का वेतन दिए जाने की घोषणा किए एक माह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक इसके औपचारिक भुगतान का आदेश जारी नहीं हो सका है। शासन के इस लचर रवैये से प्रदेशभर के NHM स्वास्थ्य कर्मियों में आक्रोश और अनिश्चितता का माहौल लगातार गहराता जा रहा है।
EC की बैठक में भी हाथ लगी निराशा
हाल ही में आयोजित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की स्थायी निकाय समिति (EC) की महत्वपूर्ण बैठक से कर्मचारियों को बड़ी उम्मीदें थीं। हालाँकि, इस बैठक में भी कर्मचारियों की प्रमुख और चिरप्रतीक्षित मांगों पर कोई ठोस या सकारात्मक निर्णय सामने नहीं आ सका।
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अटके प्रमुख मुद्दे: 33 दिन की हड़ताल अवधि का वेतन भुगतान, नई एचआर (HR) पॉलिसी का क्रियान्वयन, चिकित्सा परिचर्या नियम, मेडिकल अवकाश का जिला स्तर पर अनुमोदन तथा वार्षिक वेतन वृद्धि जैसे संवेदनशील मामलों को लेकर कोई निर्णय नहीं हो सका।
महासम्मेलन में दिग्गजों के सामने हुई थी घोषणा
गौरतलब है कि राजधानी रायपुर में आयोजित भव्य प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, क्षेत्रीय विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति में हजारों स्वास्थ्य कर्मियों के सामने मंच से हड़ताल अवधि का वेतन जारी करने का स्पष्ट आश्वासन दिया गया था।
कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि इतने बड़े मंच पर शीर्ष नेतृत्व द्वारा की गई घोषणा के बावजूद विभागीय स्तर पर आदेश जारी न होना बेहद निराशाजनक है, जिससे कर्मचारियों की अपेक्षाओं को गहरा आघात पहुंचा है।
CM हेल्पलाइन 1076 पर शिकायतों की झड़ी
विभागीय सुस्ती से व्यथित होकर प्रदेशभर के NHM कर्मचारियों ने अब विरोध का अनोखा तरीका अपनाया है। अपनी मांगों के समर्थन में कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर भारी संख्या में फोन कर शिकायतें दर्ज करानी शुरू कर दी हैं।
कर्मचारी संघ का कहना है कि वे लगातार अपनी आवाज शासन तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। यदि शासन ने शीघ्र ही प्रशासनिक आदेश जारी कर 33 दिन की हड़ताल अवधि का वेतन जारी नहीं किया, तो वे अपनी जायज मांगों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आगे की रणनीति बनाकर आंदोलन का रुख करने को बाध्य होंगे।
एन.एच.एम. कर्मचारी संघ का रुख
एन. एच. एम. कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी एवं प्रदेश प्रवक्ता पूरन दास ने संयुक्त बयान जारी करते हुए शासन से पुरजोर मांग की है कि मुख्यमंत्री की घोषणा का सम्मान करते हुए अविलंब आदेश जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि 33 दिन की हड़ताल अवधि का वेतन जारी कर अन्य लंबित मांगों का शीघ्र निराकरण किया जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों में व्याप्त असंतोष समाप्त हो सके और प्रदेश की आम जनता को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी व्यवधान के सुचारू रूप से संचालित होती रहें।







