निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़ा कदम उठाते हुए पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) का बैंकिंग लाइसेंस 24 अप्रैल से तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। केंद्रीय बैंक के मुताबिक बैंक की कार्यप्रणाली ग्राहकों के हित में नहीं थी और इसमें लगातार नियामकीय कमियां पाई जा रही थीं।
ग्राहकों का पैसा सुरक्षित, घबराने की जरूरत नहीं
RBI ने स्पष्ट किया है कि बैंक के पास पर्याप्त नकदी मौजूद है, जिससे सभी ग्राहकों की जमा राशि वापस की जा सकेगी। यानी खाताधारकों के पैसे डूबने का कोई खतरा नहीं है। यह कदम ग्राहकों के हितों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।
UPI सेवाएं रहेंगी चालू
पेटीएम एप का उपयोग करने वाले यूजर्स के लिए राहत की खबर है कि UPI सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। अब पेटीएम एक थर्ड पार्टी एप के रूप में Axis Bank, HDFC Bank और SBI जैसे बैंकों के साथ साझेदारी कर ट्रांजेक्शन प्रोसेस करेगा।
लाइसेंस रद्द करने की प्रमुख वजहें
RBI ने लाइसेंस रद्द करने के पीछे कई कारण बताए हैं। इनमें KYC नियमों का उल्लंघन, फंड्स के उपयोग में गड़बड़ी, मैनेजमेंट की लापरवाही और ग्राहकों के हितों की अनदेखी शामिल हैं। केंद्रीय बैंक का मानना है कि ऐसे हालात में बैंक को जारी रखना जोखिम भरा था।

यूजर्स पर क्या होगा असर
जिन यूजर्स का UPI सीधे पेटीएम पेमेंट्स बैंक से लिंक था, उन्हें अब दूसरे बैंक अकाउंट को प्राइमरी बनाना होगा। वहीं पेटीएम वॉलेट में मौजूद बैलेंस को आसानी से बैंक खाते में ट्रांसफर किया जा सकता है। UPI ट्रांजेक्शन जारी रहेंगे, लेकिन अब बैंकिंग बैकएंड बदला होगा।
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डिजिटल पेमेंट सेक्टर पर असर
इस फैसले के बाद पेटीएम खुद बैंकिंग सेवाएं नहीं दे पाएगा और उसे अन्य बैंकों पर निर्भर रहना होगा। इससे फोनपे और गूगल पे जैसे प्लेटफॉर्म्स को बढ़त मिल सकती है। साथ ही यह अन्य फिनटेक कंपनियों के लिए सख्त चेतावनी भी है कि नियमों का पालन अनिवार्य है।
शेयर बाजार में दिखा असर
फैसले के बाद पेटीएम की मूल कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस के शेयरों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इसका असर और अधिक देखने को मिल सकता है।











