CG News: गरियाबंद में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई! तालाब में छिपाई गई 5 घन मीटर अवैध लकड़ी जब्त

Rahul Goshwami

Illegal Timber Seized Gariaband: अवैध लकड़ी जब्ती कार्रवाई के तहत गरियाबंद जिले में वन विभाग ने बड़ी सफलता हासिल की है। दक्षिण उदंती वन परिक्षेत्र में अधिकारियों ने उड़ीसा सीमा से लगे साहिबीन कछार गांव में छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध लकड़ी बरामद की है।सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि तस्करों ने लकड़ी को तालाब के भीतर छिपाकर रखा था ताकि विभागीय कार्रवाई से बचा जा सके। वन विभाग ने करीब 5 घन मीटर लकड़ी जब्त कर मामले की जांच तेज कर दी है।

अवैध लकड़ी जब्ती कार्रवाई की शुरुआत 5 जून को मिली एक महत्वपूर्ण सूचना के बाद हुई थी। वन विभाग को पुलिस के माध्यम से अवैध लकड़ी तस्करी की जानकारी मिली थी।इसके बाद की गई कार्रवाई में करीब ढाई घन मीटर अवैध लकड़ी जब्त की गई थी। उस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था। जांच आगे बढ़ने पर तस्करी से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आए।

जांच में सामने आए नए सुराग
अवैध लकड़ी जब्ती कार्रवाई के दौरान मिले दस्तावेजों और पूछताछ के आधार पर वन विभाग ने तस्करी के नेटवर्क की गहराई से जांच शुरू की। जांच में कई संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका सामने आने के बाद विभाग ने आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया।वन अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल अवैध कटाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे संगठित तस्करी नेटवर्क भी सक्रिय हो सकता है।
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12 संदिग्धों के खिलाफ जारी हुआ सर्च वारंट
अवैध लकड़ी जब्ती कार्रवाई के तहत वन विभाग ने 12 संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ सर्च वारंट जारी किया। इसके बाद साहिबीन कछार गांव में विशेष अभियान चलाकर कई स्थानों पर एक साथ दबिश दी गई।छापेमारी के दौरान अधिकारियों को तालाब में छिपाकर रखी गई बड़ी मात्रा में लकड़ी मिली, जिसे तुरंत जब्त कर लिया गया।

तालाब में क्यों छिपाई गई थी लकड़ी?
अवैध लकड़ी जब्ती कार्रवाई में सामने आया कि तस्करों ने लकड़ी को पानी में डुबोकर रखा था। माना जा रहा है कि वन विभाग और पुलिस की नजरों से बचने के लिए यह तरीका अपनाया गया था।विशेषज्ञों के अनुसार तस्कर अक्सर कार्रवाई से बचने के लिए लकड़ी को सुनसान इलाकों, खेतों या जल स्रोतों में छिपाने की कोशिश करते हैं। इस मामले में भी ऐसा ही तरीका अपनाया गया था।

पूरे नेटवर्क की जांच में जुटा विभाग
अवैध लकड़ी जब्ती कार्रवाई के बाद वन विभाग अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि लकड़ी कहां से काटी गई, किन लोगों ने इसकी ढुलाई की और इसे किस उद्देश्य से छिपाया गया था।जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।

डीएफओ ने दी कार्रवाई की जानकारी
अवैध लकड़ी जब्ती कार्रवाई की पुष्टि करते हुए दक्षिण उदंती वन मंडल के डीएफओ वरुण जैन ने बताया कि लगातार मिल रही सूचनाओं के आधार पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

वन संपदा बचाने की दिशा में बड़ा कदम
अवैध लकड़ी जब्ती कार्रवाई को वन संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभाग का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से अवैध कटाई और तस्करी में शामिल लोगों पर दबाव बनेगा।साथ ही जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए भी यह अभियान अहम भूमिका निभा सकता है।

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