Umaria News:दीपक विश्वकर्मा\ उमरिया। मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सफल अभियान को अंजाम दिया गया। उमरिया जिले के धमोखर बफर क्षेत्र की बरबसपुर बीट में एक कॉलरयुक्त मादा बाघिन का खराब हो चुका रेडियो कॉलर सुरक्षित रूप से हटाकर उसे पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।यह पूरी कार्रवाई वन विभाग द्वारा पूर्व निर्धारित योजना और निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत विशेषज्ञों की निगरानी में संपन्न हुई।
रेडियो कॉलर बंद होने से शुरू किया गया विशेष अभियान
वन विभाग के अनुसार, मादा बाघिन के गले में लगा रेडियो कॉलर पिछले कुछ समय से काम नहीं कर रहा था। इसके कारण उसकी लोकेशन ट्रैक नहीं हो पा रही थी। स्थिति को देखते हुए विभाग ने तत्काल विशेष खोज एवं मॉनिटरिंग अभियान शुरू किया।
लगातार बारिश और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद लगभग 100 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस अभियान में प्रशिक्षित हाथियों, ट्रैप कैमरों, वीएचएफ उपकरणों और अन्य आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग किया गया।
बेहोश कर हटाया गया खराब कॉलर
Umaria News: लगातार निगरानी के बाद वन विभाग की टीम ने मादा बाघिन को उसके होम रेंज में पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ अवस्था में खोज निकाला। इसके बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) से अनुमति प्राप्त कर रेडियो कॉलर हटाने की कार्ययोजना बनाई गई।विशेषज्ञों की टीम ने बाघिन को सुरक्षित तरीके से ट्रैंकुलाइज (बेहोश) किया और उसके गले से खराब रेडियो कॉलर सावधानीपूर्वक निकाल दिया।
स्वास्थ्य परीक्षण के बाद जंगल में छोड़ा गया
Umaria News: रेडियो कॉलर हटाने के बाद वन्यजीव चिकित्सकों ने बाघिन का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच में बाघिन पूरी तरह स्वस्थ पाई गई। आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे होश में लाया गया और उसके प्राकृतिक वन क्षेत्र में सुरक्षित रूप से मुक्त कर दिया गया।
63 अधिकारियों और कर्मचारियों ने निभाई अहम भूमिका
Umaria News: यह अभियान पीएफ-126, बीट बरबसपुर (झांझहार), धमोखर बफर क्षेत्र में क्षेत्र संचालक की उपस्थिति में सफलतापूर्वक पूरा किया गया।अभियान में उप संचालक, सहायक संचालक (धमोखर बफर), वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी, वन परिक्षेत्र अधिकारी सहित कुल 63 अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। पूरी प्रक्रिया के दौरान बाघिन की सुरक्षा और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा गया।
वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बड़ी सफलता
वन विभाग ने बताया कि रेडियो कॉलर हटाने की यह कार्रवाई बाघों की प्रभावी निगरानी और संरक्षण कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सफल अभियान से यह सुनिश्चित हुआ कि मादा बाघिन पूरी तरह स्वस्थ है और अब अपने प्राकृतिक आवास में सामान्य रूप से विचरण कर सकेगी।







