Omkareshwar News: ओंकारेश्वर में सिस्टम की बड़ी लापरवाही! खुले सेप्टिक टैंक में गिरकर 3 वर्षीय मासूम की मौत, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की उठी मांग

Anuj Nirala

Omkareshwar News:शेख रेहान खंडवा\ खंडवा/ओंकारेश्वर। मध्य प्रदेश की प्रसिद्ध तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में प्रशासनिक लापरवाही का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। महाराष्ट्र के नागपुर से परिवार के साथ भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन करने आए 3 वर्षीय मासूम तनुष की खुले पड़े सेप्टिक टैंक में गिरने से मौत हो गई। मासूम को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जबकि कांग्रेस ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

दर्शन के लिए आया परिवार, मातम में बदली यात्रा

जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के नागपुर निवासी कैलाश उसराठे अपने परिवार के साथ ओंकारेश्वर दर्शन के लिए पहुंचे थे। शुक्रवार तड़के करीब 5 बजे उनकी टूरिस्ट बस ब्रह्मपुरी पार्किंग क्षेत्र में रुकी। बस से उतरते ही अंधेरे में उनका तीन वर्षीय बेटा तनुष वहां खुले पड़े सेप्टिक टैंक में गिर गया।

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बेटे को गिरता देख पिता ने बिना देर किए टैंक में छलांग लगा दी। स्थानीय लोगों की मदद से बच्चे को बाहर निकाला गया और तत्काल ओंकारेश्वर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक जांच में बच्चे का ऑक्सीजन स्तर बेहद कम पाया गया, जिसके बाद उसे ऑक्सीजन सपोर्ट पर सनावद रेफर किया गया। हालांकि इलाज के दौरान मासूम जिंदगी की जंग हार गया।

अतिक्रमण हटाने के बाद खुला रह गया था टैंक

Omkareshwar News: बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां हाल ही में सिंहस्थ की तैयारियों के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। कार्रवाई के दौरान एक धर्मशाला को तोड़ा गया, लेकिन परिसर में मौजूद सेप्टिक टैंक को सुरक्षित तरीके से बंद नहीं किया गया। इसी खुले गड्ढे में गिरने से मासूम की मौत हुई।घटना के बाद स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यदि प्रशासन समय रहते सुरक्षा के इंतजाम कर देता या खुले टैंक को ढक देता, तो यह हादसा टाला जा सकता था।

नगर परिषद ने दी सफाई

Omkareshwar News: नगर परिषद की मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) मोनिका पारदी ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के समय सेप्टिक टैंक कंक्रीट की स्लैब से ढका हुआ था। उनका दावा है कि बाद में धर्मशाला संचालकों ने लोहे का सामान निकालने के लिए स्लैब हटा दी, जिससे टैंक खुला रह गया।उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही टैंक को तत्काल भरवा दिया गया है और पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

कांग्रेस ने उठाए सवाल, FIR की मांग

घटना के बाद कांग्रेस ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के बाद यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो एक मासूम की जान नहीं जाती। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासन ने मुआवजे का दिया आश्वासन

Omkareshwar News: जिला प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के बाद भवन मालिकों को अपना सामान निकालने के लिए कुछ समय दिया जाता है। इसी प्रक्रिया के दौरान टैंक खुला रह गया और यह दुखद हादसा हो गया। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही है।

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सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

देशभर से लाखों श्रद्धालु हर वर्ष ओंकारेश्वर पहुंचते हैं। ऐसे में तीर्थ क्षेत्र में खुले गड्ढे, अधूरे निर्माण कार्य और सुरक्षा इंतजामों की कमी प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे खतरनाक स्थानों को सुरक्षित किया जाता, तो मासूम तनुष की जान बचाई जा सकती थी।अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच के बाद जिम्मेदारी किसकी तय होती है और प्रशासन दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।

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