Sagar Toxic Liquor Case: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- मध्य प्रदेश के सागर जिले में शराब पीने के बाद बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौतों के मामले ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 25 से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मामला सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र के प्रभावित गांवों में अधिकारी पहुंचकर स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। प्रशासन की ओर से आसपास की कई शराब दुकानों को सील कर वहां से शराब के सैंपल लिए जा रहे हैं। इन नमूनों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौतों के पीछे शराब की गुणवत्ता का क्या संबंध है।
नौराज और गूगरा खुर्द में पहुंची अधिकारियों की टीम
बंडा क्षेत्र के ग्राम नौराज और गूगरा खुर्द में शराब पीने के बाद लोगों की मौत की सूचना के बाद सागर संभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी सहित प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।बताया गया है कि प्रभावित लोगों में से कई को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल सागर भेजा गया है। अधिकारियों के मुताबिक कुछ मरीजों की स्थिति अभी गंभीर है। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
कई शराब दुकानों पर एक साथ कार्रवाई
घटना के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के कई क्षेत्रों में शराब दुकानों को सील किया है। बरेठी, बंडा, शाहगढ़, मगरधा, विनायका, दलपतपुर और बरायठा की दुकानों पर कार्रवाई की गई है।इन दुकानों से शराब के सैंपल भी लिए जा रहे हैं। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि प्रभावित लोगों ने शराब कहां से खरीदी थी और उसमें किसी तरह की मिलावट या जहरीला पदार्थ तो नहीं था। प्रशासन अब शराब की सप्लाई और उसके स्रोत की भी जांच कर रहा है।
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लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल जाने की अपील
प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। जिन लोगों ने हाल में शराब का सेवन किया है और इसके बाद उन्हें उल्टी, सिरदर्द, बुखार या तबीयत से जुड़ी अन्य परेशानी महसूस हो रही है, उन्हें इंतजार नहीं करने की सलाह दी गई है।प्रशासन के मुताबिक ऐसे लोगों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। समय पर इलाज मिलने से गंभीर स्थिति से बचने में मदद मिल सकती है।
CM मोहन यादव ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
सागर की घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी गंभीरता जताई है। मुख्यमंत्री ने प्रभारी मंत्री और संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा है।मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि इस तरह की घटना को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासनिक जांच के साथ-साथ शराब के स्रोत और जिम्मेदार लोगों की पहचान पर भी कार्रवाई की जा रही है।
डिप्टी CM जगदीश देवड़ा ने जताया दुख
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी घटना पर दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि उन्होंने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की जानकारी ली है। उन्होंने यह भी कहा कि आबकारी आयुक्त मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि घटना के पीछे जो भी व्यक्ति जिम्मेदार पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और सरकार मामले में सख्त कदम उठाएगी।
जांच के बाद सामने आएगी असली वजह
फिलहाल प्रशासन का सबसे बड़ा फोकस प्रभावित लोगों का इलाज, मौतों की वजह की जांच और शराब के स्रोत का पता लगाने पर है। दुकानों से लिए गए सैंपल की जांच और पुलिस की पड़ताल के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मौतों के पीछे जहरीली या दूषित शराब की भूमिका क्या रही।इस बीच प्रशासन ने लोगों से किसी भी संदिग्ध शराब का सेवन न करने और स्वास्थ्य संबंधी लक्षण सामने आने पर तत्काल अस्पताल जाने की अपील की है।






