निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : ईरान का उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंच गया है। इस दौरान क्षेत्रीय हालात और कूटनीतिक प्रयासों को लेकर अहम बैठकें प्रस्तावित हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने इस दौरे की पुष्टि करते हुए कहा कि यह एक आधिकारिक यात्रा है।
अमेरिका से सीधे संवाद से इनकार
ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ किसी भी तरह की सीधी बातचीत नहीं करेगा। बाकाई के मुताबिक, दोनों देशों के बीच कोई निर्धारित बैठक नहीं है और ईरान अपना पक्ष पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाएगा।
पाकिस्तान निभा रहा मध्यस्थ की भूमिका
इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर से मुलाकात कर रहे हैं। इन बैठकों में क्षेत्रीय शांति और तनाव कम करने के प्रयासों पर चर्चा हो रही है।
Read more : राशिद इंजीनियर को झटका! कोर्ट ने खारिज की अंतरिम जमानत याचिका
शांति बहाली पर फोकस
ईरान ने कहा है कि उसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में स्थिरता और शांति बहाल करना है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तान की मध्यस्थता पहल और सद्भावना प्रयासों को समर्थन देने के लिए यह दौरा किया जा रहा है।
अमेरिका की भी सक्रियता बढ़ी
दूसरी ओर, अमेरिका ने भी इस्लामाबाद में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने विशेष दूतों को पाकिस्तान भेजा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी टीम मध्यस्थ चैनलों के जरिए ईरान से संवाद की कोशिश करेगी।
बातचीत का दायरा बढ़ने के संकेत
व्हाइट हाउस ने संकेत दिए हैं कि यह बातचीत आगे और विस्तारित हो सकती है। जरूरत पड़ने पर उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के पाकिस्तान दौरे की संभावना भी जताई गई है। इससे साफ है कि आने वाले दिनों में कूटनीतिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।











