Jabalpur Crime Review Meeting: जबलपुर। अनुसूचित जाति आयोग के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश जाटव की अध्यक्षता में जबलपुर में पुलिस विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्रों में कानून व्यवस्था, बढ़ते अपराध, नशे की समस्या और अवैध धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान पुलिस अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए गए।
Jabalpur Crime Review Meeting: बैठक में कैलाश जाटव ने अनुसूचित जाति बहुल बस्तियों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में अपराध और नशे की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जाना आवश्यक है। पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया गया कि वह नियमित गश्त बढ़ाने के साथ-साथ अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे।
Jabalpur Crime Review Meeting: प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पुलिस की भूमिका केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने की दिशा में भी काम करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि इन बस्तियों में जागरूकता शिविर, नशामुक्ति अभियान और पुनर्वास केंद्रों की स्थापना जैसे सकारात्मक प्रयास किए जाएं, ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोका जा सके।
Jabalpur Crime Review Meeting: बैठक के दौरान अवैध धर्मांतरण के मुद्दे पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। कैलाश जाटव ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि किसी क्षेत्र में धर्मांतरण से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही हैं, तो उनमें शामिल व्यक्तियों और संस्थाओं की जांच कर कानून के दायरे में रहकर तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाए। उन्होंने विशेष रूप से ऐसे संदिग्ध गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) पर नजर रखने के निर्देश दिए, जिनकी गतिविधियों पर सवाल उठ रहे हैं।
Jabalpur Crime Review Meeting: इसके अलावा, अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज होने वाले मामलों में संवेदनशीलता बरतने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। कैलाश जाटव ने कहा कि थानों में पहुंचने वाली पीड़ित महिलाओं की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। साथ ही, मामलों में विलंब किए बिना तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
Jabalpur Crime Review Meeting: बैठक में अनुपस्थित रहने वाले थाना प्रभारियों को लेकर भी प्रदेश अध्यक्ष ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना उचित कारण बैठक से नदारद रहने वाले अधिकारियों से जवाब-तलब किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें भोपाल मुख्यालय तलब किया जा सकता है।
Jabalpur Crime Review Meeting: कैलाश जाटव ने कहा कि पुलिस प्रशासन की जवाबदेही तय करना जरूरी है, ताकि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को न्याय और सुरक्षा का भरोसा मिल सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस विभाग इन निर्देशों का गंभीरता से पालन करेगा और अपराधमुक्त एवं सुरक्षित वातावरण बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाएगा।









