Raipur Bilaspur highway black spots NHAI flyover project : रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पिछले तीन वर्षों में हादसों का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। 118 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर 8 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जहां 48 हादसों में 45 लोगों की जान जा चुकी है।
हर 15 किमी पर खतरनाक पॉइंट
आंकड़ों के अनुसार हाईवे पर औसतन हर 15 किलोमीटर पर एक ब्लैक स्पॉट मौजूद है। यही कारण है कि यह मार्ग राज्य के सबसे खतरनाक सड़कों में शामिल हो गया है।
कहां-कहां सबसे ज्यादा खतरा
सांकरा और सिलतरा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में भारी वाहनों की आवाजाही और अचानक कट हादसों की वजह बनते हैं। वहीं मोहदा और खंडवा मोड़ जैसे स्थानों पर अंधे मोड़ और खराब लाइटिंग से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।
शाम और रात में सबसे ज्यादा हादसे
रिपोर्ट के अनुसार शाम 6 बजे से रात 10 बजे के बीच सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं होती हैं। इस समय भारी ट्रैफिक और कमजोर रोशनी हादसों का कारण बनती है।
NHAI का बड़ा सुधार प्लान
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने ब्लैक स्पॉट खत्म करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। योजना के तहत—
- 5 जगह फ्लाईओवर
- 2 जगह अंडरपास/जंक्शन
- 1 जगह सर्विस लेन
बनाई जाएगी।
किन जगहों पर होगा निर्माण
सांकरा और सिलतरा में 6 लेन फ्लाईओवर प्रस्तावित है। इसके अलावा सिमगा से बिलासपुर के बीच कई मोड़ों पर फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए जाएंगे।
18 महीने में पूरा होगा प्रोजेक्ट
सिलतरा में 1.05 किमी लंबा 6 लेन फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है और निर्माण कार्य 18 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
हादसों की मुख्य वजहें
विशेषज्ञों के अनुसार तेज रफ्तार, अवैध यू-टर्न, खराब लाइटिंग और सर्विस लेन की कमी हादसों के प्रमुख कारण हैं, अधिकारियों का कहना है कि ब्लैक स्पॉट खत्म होने से हाईवे पर दुर्घटनाओं में बड़ी कमी आएगी और सफर सुरक्षित होगा।









