CG High Court Administrative Decisions: रूपनारायण पठारे बने ‘मेडिएट फॉर नेशन 3.0’ के नोडल अधिकारी; 7 न्यायिक अधिकारियों को ACP का लाभ

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Chhattisgarh High Court
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CG High Court Administrative Decisions: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट प्रशासन द्वारा न्याय व्यवस्था और प्रशासनिक सुगमता को लेकर दो प्रमुख निर्णय लिए गए हैं। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) के दिशा-निर्देश पर रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव द्वारा जारी आदेश के तहत, हाई कोर्ट विधिक सेवा समिति बिलासपुर के सचिव रूपनारायण पठारे को ‘मेडिएट फॉर नेशन 3.0’ (Mediate for Nation 3.0) अभियान के लिए नोडल अधिकारी मनोनीत किया गया है।

इसके साथ ही, राज्य की निचली न्यायिक सेवा के 7 ज्यूडिशियल अफसरों को एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) स्केल का लाभ देने संबंधी प्रशासनिक आदेश जारी किए गए हैं।

‘मेडिएट फॉर नेशन 3.0’ में मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

नोडल अधिकारी के रूप में रूपनारायण पठारे राष्ट्रव्यापी मध्यस्थता अभियान ‘मेडिएट फॉर नेशन 3.0’ के दौरान सुप्रीम कोर्ट की मेडिएट एंड कन्सीलिएशन प्रोजेक्ट कमेटी (MCPC) के साथ आंकड़ों के आदान-प्रदान, केस ट्रैकिंग और प्रशासनिक समन्वय की मुख्य जिम्मेदारी संभालेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य मध्यस्थता और आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से मामलों का त्वरित निस्तारण करना है।

7 न्यायिक अधिकारियों को मिला ACP का लाभ

रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी आदेशानुसार, सिविल जज (सीनियर व जूनियर डिवीजन) के 7 न्यायिक अधिकारियों को करियर में प्रगति का वित्तीय लाभ मिलेगा:

1. सिविल जज (सीनियर डिवीजन) — प्रथम ACP स्केल:

  • शुभदा गोयल — 16 जुलाई 2024 से

  • मोहित सिंह — 15 जुलाई 2024 से

  • महेश बाबू साहू — 16 जुलाई 2024 से

  • रोजेमिन राजेश एक्का — 18 जुलाई 2024 से

  • निक्षन दावेद लकड़ा — 17 जुलाई 2024 से

2. सिविल जज (जूनियर डिवीजन) — द्वितीय व प्रथम ACP स्केल:

  • मोहम्मद जहांगीर तिगाला — द्वितीय ACP स्केल (16 दिसंबर 2023 से 28 जनवरी 2024 की अवधि के लिए)।

  • अंजलि पांडे — प्रथम ACP स्केल (9 अक्टूबर 2020 से 8 अक्टूबर 2025 की अवधि के लिए)।

आदेश में वेतनवृद्धि संबंधी शर्त

हाई कोर्ट प्रशासन ने अपने आधिकारिक आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि एसीपी (ACP) का यह वित्तीय लाभ संबंधित न्यायिक अधिकारी के विरुद्ध भविष्य में या पूर्व में की जाने वाली किसी भी अनुशासनात्मक कार्रवाई या वेतनवृद्धि रोके जाने के निर्णय के अधीन रहेगा।

हाई कोर्ट प्रशासन के इस कदम से राज्य के न्यायिक अधिकारियों में उत्साह है, क्योंकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर करियर प्रोग्रेशन का लाभ मिलने से न्यायपालिका के प्रशासनिक कार्यप्रणाली में और अधिक गति आएगी।

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