MP Private Schools: भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने निजी हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों की मान्यता प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने संशोधित मान्यता नियमों की अधिसूचना जारी कर दी है। नए नियमों के तहत अब फर्जी दस्तावेज या गलत जानकारी देकर मान्यता लेने वाले स्कूलों पर 2 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही ऐसे संस्थानों की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकेगी।सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाना, विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और निजी स्कूलों की जवाबदेही तय करना है।
फर्जी दस्तावेजों पर होगी सख्त कार्रवाई
नए नियमों के अनुसार यदि कोई निजी स्कूल मान्यता प्राप्त करने के लिए गलत जानकारी देता है या फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करता है, तो उस पर भारी आर्थिक दंड लगाया जाएगा। गंभीर मामलों में संबंधित स्कूल की मान्यता भी समाप्त की जा सकती है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बायोमैट्रिक हाजिरी होगी अनिवार्य
MP Private Schools: स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अब सभी शिक्षकों की बायोमैट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य कर दी गई है। इससे शिक्षकों की उपस्थिति की ऑनलाइन निगरानी हो सकेगी और समय पर शिक्षण कार्य सुनिश्चित होगा।
मान्यता के लिए आधुनिक लैब जरूरी
संशोधित नियमों के तहत हाईस्कूल स्तर पर कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों के लिए कंपोजिट साइंस लैब अनिवार्य होगी। वहीं हायर सेकेंडरी स्कूलों में कक्षा 11वीं और 12वीं के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी की अलग-अलग प्रयोगशालाएं बनानी होंगी। आवश्यक लैब सुविधाएं नहीं होने पर नए स्कूलों को मान्यता नहीं मिलेगी।
दो पालियों में संचालन के लिए भी तय हुए नियम
MP Private Schools: जिन निजी स्कूलों में पर्याप्त भवन, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, उन्हें दो पालियों (Two Shift) में विद्यालय संचालित करने की अनुमति दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे एक ही परिसर में अधिक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सकेगी।
सिक्योरिटी डिपॉजिट भी अनिवार्य
सरकार ने छात्र संख्या के आधार पर निजी स्कूलों के लिए 25 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक की सुरक्षा राशि जमा करना अनिवार्य किया है। यह राशि बैंक की एफडी के रूप में संबंधित स्कूल के प्राचार्य और जिला शिक्षा अधिकारी के संयुक्त नाम से जमा कराई जाएगी।
ऑनलाइन होगी पूरी मान्यता प्रक्रिया
MP Private Schools: मान्यता के लिए आवेदन पूरे वर्ष ऑनलाइन किए जा सकेंगे, लेकिन आगामी शैक्षणिक सत्र में मान्यता प्राप्त करने के इच्छुक स्कूलों के केवल 30 सितंबर तक प्राप्त आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे। इसके बाद भौतिक सत्यापन, आपत्तियों के निपटारे और अपील सहित पूरी प्रक्रिया 28 फरवरी तक पूरी करनी होगी।
अपील का भी मिलेगा अवसर
यदि किसी स्कूल का आवेदन निरस्त किया जाता है, तो संबंधित संस्था पहले आयुक्त, लोक शिक्षण और उसके बाद राज्य मान्यता समिति के समक्ष निर्धारित समय सीमा के भीतर अपील कर सकेगी।
शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की पहल
MP Private Schools: सरकार का मानना है कि संशोधित नियमों से निजी स्कूलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण, बेहतर प्रयोगशालाएं और नियमित शिक्षण व्यवस्था उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।




