कोलकाता। Nishaanebaz.com-Nandigram Bypoll Controversy: पश्चिम बंगाल में आगामी नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले एक बेहद नाटकीय घटनाक्रम में पुलिस ने कांग्रेस के आधिकारिक प्रत्याशी मिलन प्रधान को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई एक पुराने हत्या के मामले से संबंधित बताई जा रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह गिरफ्तारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी द्वारा नंदीग्राम सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी को अपना खुला समर्थन देने के महज कुछ ही घंटों बाद हुई है।
इस पूरे घटनाक्रम से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस की घोषित उम्मीदवार संचिता प्रधान ने रहस्यमयी परिस्थितियों में अपना नामांकन और नाम वापस ले लिया था। इसके बाद ममता बनर्जी ने अपने कालीघाट स्थित आवास पर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए घोषणा की थी कि देश में इंडिया (INDIA) गठबंधन को मजबूती देने और व्यापक लोकतांत्रिक हितों की रक्षा के लिए उनकी पार्टी नंदीग्राम में कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान का समर्थन करेगी।
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ममता बनर्जी द्वारा समर्थन का ऐलान किए जाने के बाद राज्य की राजनीति गर्मा गई थी, लेकिन शुक्रवार शाम ढलते-ढलते पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मिलन प्रधान को गिरफ्तार कर लिया। बंगाल की राजनीति में इस गिरफ्तारी को एक बड़े सियासी मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। एक तरफ जहां मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य में कानून व्यवस्था और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को लेकर हमलावर है, वहीं कांग्रेस खेमे में इस कार्रवाई को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है।
उल्लेखनीय है कि नंदीग्राम में होने वाले उपचुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच भी खींचतान जारी है। हाल ही में चुनाव आयोग की सिफारिशों और प्रशासनिक निर्देशों के बीच टीएमसी का नाम और चुनाव चिन्ह फ्रीज होने संबंधी फैसलों पर ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी और इसे असंवैधानिक और लोकतंत्र का ‘काला दिन’ करार दिया था। अब कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी के बाद नंदीग्राम का चुनावी मुकाबला और अधिक पेचीदा और गरमा गया है।







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