महासमुंद। Nishaanebaz.com-CG Education Dept Suspension: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में सरकारी कर्मचारियों के वेतन भुगतान में बड़ी धोखाधड़ी और शासकीय राशि के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) छत्तीसगढ़ ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरपुर, जिला महासमुंद से जुड़े इस वेतन घोटाले में प्रभारी प्राचार्य उमा ठाकुर सहित दो क्लर्कों (सहायक ग्रेड-2) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, वित्तीय गबन की इस पूरी योजना में सहायक ग्रेड-2 नारायण प्रसाद निर्मलकर की मुख्य भूमिका सामने आई है। आरोपी क्लर्क पर आरोप है कि उसने जुलाई 2024 के वास्तविक वेतन भत्तों में अत्यधिक अवैध वृद्धि कर कोषालय (Treasury) से फर्जी बिल तैयार कर आहरण किया। इसके अलावा, मई 2025 से जनवरी 2026 तक के नियमित वेतन देयकों में मूल वेतन और भत्तों में ऑनलाइन हेरफेर कर ई-बिल के माध्यम से भारी-भरकम राशि आहरित कर ली।
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी निलंबन आदेश में इसे प्रत्यक्ष रूप से फ्रॉड, शासकीय नियमों की घोर उपेक्षा तथा विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान पहुंचाने का गंभीर अपराध करार दिया गया है। शासकीय धन के दुरुपयोग को रोकने में विफल रहने और लापरवाही बरतने के कारण प्रभारी प्राचार्य उमा ठाकुर तथा सहायक ग्रेड-2 अकील मोहम्मद खान को भी दोषी पाया गया है।
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तीनों अधिकारियों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान इनका मुख्यालय नियमानुसार निर्धारित किया जाएगा और इन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) की पात्रता होगी। शिक्षा विभाग की इस कठोर और अनुशासनात्मक कार्रवाई से जिले के प्रशासनिक और शैक्षणिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।






