नई दिल्ली: नीति आयोग के CEO बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने संकेत दिया है कि जीएसटी 2.0 के बाद दिवाली से पहले सुधारों का एक नया सेट पेश किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग की समिति, जिसका नेतृत्व राजीव गौबा कर रहे हैं, ने इन सुधारों पर अपनी पहली रिपोर्ट पहले ही सौंप दी है।
सुब्रह्मण्यम ने नवाचार को बढ़ावा देने के लिए गतिविधि-आधारित नियमन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अगर नियम नवाचार को बाधित करेंगे, तो वह कहीं और विकसित होगा। उन्होंने चुस्त-दुरुस्त नियामक सैंडबॉक्स और लचीले नियमन की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया।
एआई पर चर्चा करते हुए सुब्रह्मण्यम ने कहा कि यह तकनीक नौकरियों को खत्म नहीं करेगी, बल्कि नई प्रकार की नौकरियों के अवसर पैदा करेगी। उन्होंने कहा कि एआई प्रक्रियाओं को पुनः इंजीनियर करने और कार्यों को कुशलतापूर्वक करने में मदद करेगा।
व्यापार को लेकर उन्होंने कहा कि भारत को चीन और अन्य पड़ोसी देशों के साथ मजबूत आर्थिक संबंध बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि पड़ोसी देशों के साथ मजबूत व्यापारिक व्यवस्था न होने पर भारत प्रतिस्पर्धा में पीछे रह सकता है।
सुब्रह्मण्यम का यह भी कहना था कि वैश्विक आर्थिक दृष्टि से भारत को पड़ोसी देशों के साथ व्यापार बढ़ाने पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा मिल सके।









