Indore News : इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) कैंपस में रैगिंग का मामला अब साजिश का रूप लेता दिखाई दे रहा है। एंटी रैगिंग कमेटी की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कुछ सीनियर छात्रों ने केवल रैगिंग ही नहीं की, बल्कि नेपाल में हुए ‘जेन जी प्रोटेस्ट’ की तर्ज पर कैंपस में बड़ा आंदोलन खड़ा करने की योजना बनाई थी।
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Indore News : जांच रिपोर्ट के अनुसार, इन छात्रों ने सोशल मीडिया पर फेक आईडी बनाकर प्रशासन के खिलाफ माहौल गरमाने और भ्रम फैलाने का प्रयास किया। उनका उद्देश्य था कि पोस्ट्स वायरल हों और जूनियर छात्रों को भड़का कर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन कराया जाए। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि सीनियर्स ने फर्स्ट ईयर छात्रों को धमकाते हुए कहा था कि विरोध में शामिल न होने पर उन्हें ‘बेचआउट’ कर दिया जाएगा या परीक्षाओं से बाहर कर दिया जाएगा।
इस मामले पर डीएवीवी के कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई ने बताया कि संबंधित छात्रों पर पहले भी कार्रवाई की गई थी—किसी को हॉस्टल से निकाला गया, किसी पर आर्थिक दंड लगाया गया और कुछ को परीक्षा से बेदखल भी किया गया। लेकिन उन्हीं छात्रों ने मिलकर इस नई साजिश को अंजाम देने की कोशिश की।
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29 सितंबर को हुई एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक में इन तथ्यों की पुष्टि हुई। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी है। कुलगुरु ने साफ कहा कि डीएवीवी रैगिंग और अनुशासनहीनता को लेकर “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम करता है।










