Bastar Regiment: छत्तीसगढ़ के लिए बस्तर रेजिमेंट को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय सेना में बस्तर रेजिमेंट के गठन की दिशा में अब औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस संबंध में भेजे गए प्रस्ताव पर जवाब देते हुए बताया है कि मामले की जांच और परीक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे प्रदेश के आदिवासी युवाओं और स्थानीय लोगों में नई उम्मीद जगी है।
बस्तर रेजिमेंट का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 26 जून 2026 को रक्षा मंत्री को भेजा था। अपने पत्र में उन्होंने कहा कि बस्तर संभाग के आदिवासी युवाओं ने वर्षों से नक्सल विरोधी अभियानों में बहादुरी और समर्पण का परिचय दिया है। उनका मानना है कि इन युवाओं की क्षमता का लाभ भारतीय सेना को भी मिलना चाहिए।
रक्षा मंत्रालय ने शुरू किया परीक्षण
बस्तर रेजिमेंट के प्रस्ताव पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जवाब देते हुए बताया कि इस विषय पर आवश्यक जांच और परीक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसका मतलब है कि प्रस्ताव पर अब संबंधित स्तर पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, अभी अंतिम निर्णय की घोषणा नहीं की गई है।
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क्यों खास मानी जा रही है बस्तर रेजिमेंट?
बस्तर रेजिमेंट का उद्देश्य केवल सेना में एक नई रेजिमेंट बनाना नहीं है, बल्कि बस्तर के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अधिक अवसर उपलब्ध कराना भी माना जा रहा है। इस पहल से स्थानीय युवाओं में सेना के प्रति आकर्षण बढ़ सकता है और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
आदिवासी युवाओं की भूमिका का किया गया उल्लेख
प्रस्ताव में कहा गया है कि बस्तर रेजिमेंट बनने से उन युवाओं को नई पहचान मिलेगी, जिन्होंने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में साहस का परिचय दिया है। उपमुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा कि बस्तर के युवा चुनौतीपूर्ण इलाकों में कार्य करने का अनुभव रखते हैं, जो सेना के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।
राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास पर जोर
बस्तर रेजिमेंट के पक्ष में यह भी तर्क दिया गया है कि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। साथ ही क्षेत्रीय विकास, सामाजिक स्थिरता और युवाओं के सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। बस्तर जैसे दूरस्थ इलाके के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
अभी अंतिम फैसला बाकी
फिलहाल बस्तर रेजिमेंट को लेकर प्रक्रिया प्रारंभिक चरण में है। रक्षा मंत्रालय द्वारा परीक्षण और समीक्षा पूरी होने के बाद ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। ऐसे में आने वाले समय में इस विषय पर केंद्र सरकार की ओर से आगे की जानकारी सामने आ सकती है।







