रायपुर। Nishaanebaz.com-Wall Efflorescence Dampness Home Care Tips: क्या आपने कभी अपने घर या कमरे की दीवार पर सफेद रंग का चॉक जैसा पाउडर या सूखी परत जमते देखी है? पहली नजर में ज्यादातर लोग इसे सामान्य धूल, फफूंदी (Mold) या पेंट की खराबी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं या उसके ऊपर दोबारा पेंट करवा देते हैं। लेकिन निर्माण विज्ञान के विशेषज्ञों के अनुसार, यह सफेद जमाव महज एक कॉस्मेटिक समस्या नहीं है, बल्कि यह इस बात का गंभीर संकेत है कि आपकी दीवार के भीतर भारी नमी जमा हो रही है और पानी धीरे-धीरे सतह की ओर आ रहा है।
वैज्ञानिक भाषा में दीवार पर जमने वाली इस सफेद परत को ‘एफ़्लोरेसेंस’ (Efflorescence) कहा जाता है। यह प्रक्रिया तब बनती है जब बारिश का पानी या पाइप लीकेज का जल ईंट, सीमेंट, कंक्रीट और प्लास्टर जैसी छिद्र युक्त निर्माण सामग्रियों के अंदर से गुजरता है। इस दौरान पानी अपने साथ सीमेंट और ईंट में मौजूद प्राकृतिक रूप से घुले हुए लवण (नमक) को खींचकर बाहर ले आता है। जब पानी दीवार की बाहरी सतह पर पहुँचकर हवा में सूख जाता है, तो ये लवण पीछे सफेद पाउडर या पपड़ी जैसी परत छोड़ जाते हैं।
एफ़्लोरेसेंस मुख्य रूप से तीन कारणों के एक साथ मिलने पर होता है— दीवार में नमी की मौजूदगी, घुलनशील लवण और पानी को सोखने वाली सामग्री। अक्सर बाहरी दीवारों में आई बारीक दरारें, छत या बालकनी से पानी का रिसाव, या पुरानी व खराब हो चुकी वॉटरप्रूफिंग इसकी मुख्य वजह होती है। इसके अलावा, दीवार के अंदर छिपे हुए नल या ड्रेनेज पाइप में बारीक लीकेज भी लगातार नमी बनाए रखता है, जिससे एक ही हिस्से में बार-बार सफेद नमक जमने लगता है। नई बनी इमारतों में भी प्लास्टर सूखने के दौरान कुछ समय के लिए यह परत दिख सकती है।
अक्सर लोग एफ़्लोरेसेंस को फफूंदी (फंगस) समझ लेते हैं, जबकि दोनों में बड़ा अंतर है। फफूंदी में बदबू होती है और वह जहरीली हो सकती है, जबकि एफ़्लोरेसेंस केवल सूखा नमक होता है। हालांकि, इसे नजरअंदाज करने पर दीवार का प्लास्टर कमजोर पड़ सकता है, पेंट उखड़ने लगता है और आगे चलकर वहां फफूंदी भी पनप सकती है। केवल नया पेंट कराने से यह समस्या खत्म नहीं होगी। सबसे पहले नमी के मुख्य स्रोत (लीकेज या खराब वॉटरप्रूफिंग) को ठीक करवाएं, उसके बाद ही सूखे ब्रश या वैक्यूम से सफेद परत को साफ करके नई वॉटरप्रूफ कोटिंग करवाएं।







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