भिंड। Nishaanebaz.com-Bhind Shastri Nagar Waterlogging Protest: मध्य प्रदेश के भिंड शहर की पॉश रिहायशी कॉलोनियों में शुमार शास्त्री नगर ए-ब्लॉक में विकास के दावों की पोल खुल गई है। कॉलोनी की गलियों में लंबे समय से जमा बारिश के पानी और जल निकासी की व्यवस्था न होने से नाराज रहवासियों और किसान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शनिवार को एक अनूठा विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासनिक अनदेखी से परेशान लोगों ने जलमग्न हो चुकी मुख्य सड़क को ही ‘खेत’ बना दिया और पानी के बीच धान की पौध रोपकर नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शास्त्री नगर पॉश इलाका होने के कारण लोग यहाँ लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर आशियाना बनाते हैं और नगर पालिका को नियमित टैक्स भी देते हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाओं के नाम पर उन्हें सिर्फ कीचड़ और जलभराव मिल रहा है। रहवासियों ने बताया कि कॉलोनी के चारों ओर बनाई गई नई सड़कों का लेवल काफी ऊंचा कर दिया गया है, जिससे गलियों के पानी का निकास पूरी तरह बंद हो गया है। अब थोड़ा सा पानी बरसते ही गलियां लबालब हो जाती हैं और पानी लोगों के घरों में घुसने लगता है।
भिंड के शास्त्री नगर में जलभराव से परेशान लोगों ने सड़क पर धान रोपकर किया विरोध। रहवासियों ने जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की मांग उठाई।#BhindNews #MPNews #Waterlogging pic.twitter.com/XhQZTmjBVa
— Nishaanebaz.com (@nishaanebaz_com) September 12, 2026
सड़कों पर लबालब भरे पानी में गड्ढे दिखाई न देने के कारण आए दिन बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं। नागरिकों में क्षेत्रीय पार्षद के प्रति भी भारी रोष है, उनका कहना है कि चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधि समस्याओं की सुध लेने तक नहीं आते। बदहाली का आलम यह है कि जलभराव और मच्छरों की समस्या से तंग आकर कई संपन्न परिवार अपने मकान बेचकर दूसरी जगहों पर पलायन करने को विवश हो रहे हैं।
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धान रोपाई का यह अनूठा प्रदर्शन सीधे तौर पर नगर पालिका की सुस्त कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। किसान कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि शास्त्री नगर की जल निकासी समस्या का कोई स्थायी और त्वरित समाधान नहीं निकाला गया, तो नागरिक और कांग्रेस कार्यकर्ता नगर पालिका कार्यालय के बाहर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि सड़क पर रोपी गई धान की पौध के बाद जिम्मेदार तंत्र जागता है या शास्त्री नगर की गलियां यूं ही तालाब बनी रहती हैं।






