Saturday, September 12, 2026
Home Madhya Pradesh MP Jabalpur News 2026 Bargi Dam Oustees: 35 वर्षों से जर्जर संपर्क...

MP Jabalpur News 2026 Bargi Dam Oustees: 35 वर्षों से जर्जर संपर्क मार्ग, दुर्गा नगर के ग्रामीणों ने खुद बजरी-पत्थर बिछाकर तैयार की सड़क

जबलपुर। Nishaanebaz.com-Jabalpur Bargi Dam Oustees News: मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर से करीब 55 किलोमीटर दूर शाहपुरा क्षेत्र स्थित चिरपोड़ी की दुर्गा नगर बस्ती में प्रशासनिक अनदेखी की बेहद दर्दनाक और चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। बरगी बांध परियोजना से विस्थापित होकर 35 साल पहले यहाँ बसे सैकड़ों परिवार आज भी एक अदद पक्की सड़क के लिए तरस रहे हैं। आखिरकार सरकारी सिस्टम से तंग आकर विस्थापित ग्रामीणों ने खुद हाथों में फावड़े और बाल्टियां थाम लीं और दो किलोमीटर लंबे कीचड़ भरे रास्ते को श्रमदान कर सुधारने का बीड़ा उठा लिया।

Read More : Nipun Singh Manhunt International 2026: 25 साल बाद भारत को मिली ऐतिहासिक कामयाबी, सिवनी के निपुण सिंह बने ‘मैनहंट इंटरनेशनल’ के फर्स्ट रनर-अप

दुर्गा नगर बस्ती में जबलपुर, मंडला और सिवनी जिलों से विस्थापित करीब 90 से अधिक परिवार रहते हैं, जिनकी कुल आबादी लगभग 1,200 है। साढ़े तीन दशक बीत जाने के बाद भी इस बस्ती को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए पक्की सड़क नसीब नहीं हो सकी। बारिश के दिनों में दलदल में तब्दील होने वाले दो किलोमीटर के इस संपर्क मार्ग पर चलना जान जोखिम में डालने जैसा हो जाता है। रोजमर्रा की परेशानियों से तंग आकर बस्ती की 100 से अधिक महिलाओं, 50 पुरुषों और बच्चों ने मिलकर स्वयं बजरी और पत्थर जुटाकर अस्थायी रास्ता बनाना शुरू कर दिया है।

Read More : Raipur news: स्कूलों के बाहर ट्रैफिक पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नाबालिग वाहन चालकों और ओवरलोड ऑटो पर कसा शिकंजा

ग्रामीणों का आरोप है कि पुनर्वास के इतने सालों बाद भी वन विभाग और स्थानीय प्रशासन इसे महज एक छोटी बस्ती बताकर पूरे गांव का दर्जा देने से बचता आ रहा है। प्रशासनिक मान्यता और पक्की सड़क न होने का सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं और बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। यही नहीं, बस्ती के प्राथमिक स्कूल का भवन जर्जर होने के कारण 5 साल पहले ढहा दिया गया था, लेकिन उसके बाद नए भवन का निर्माण आज तक नहीं कराया गया, जिससे बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।

Read More : Bhind Shastri Nagar Waterlogging Protest: भिंड की पॉश कॉलोनी की सड़क बनी ‘खेत’, जलभराव से परेशान रहवासियों ने रोपी धान की पौध

बारिश के मौसम में आवाजाही को किसी तरह संभव बनाने के लिए ग्रामीणों द्वारा किया जा रहा यह सामूहिक श्रमदान एक तरफ जहाँ उनकी एकजुटता को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर शासन और प्रशासन की पुनर्वास नीतियों पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। बरगी बांध विस्थापितों का यह कदम साफ संदेश देता है कि 35 साल के लंबे इंतजार के बाद अब उनके सब्र का बांध टूट चुका है। यदि अब भी जिम्मेदार विभागों ने सुध नहीं ली, तो विस्थापित परिवार उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here