Saturday, September 12, 2026
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Bhopal STF Action Fake Document Passport Racket: डबरा, बैतूल और छिंदवाड़ा तक फैला फर्जी पासपोर्ट गिरोह का नेटवर्क, सिंडिकेट के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन

भोपाल। Nishaanebaz.com-Bhopal Fake Passport Racket STF Investigation 2026: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक अत्यंत गंभीर और चौंकाने वाले फर्जी पासपोर्ट रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस खुलासे ने राज्य प्रशासनिक तंत्र और पुलिस पासपोर्ट वेरिफिकेशन प्रक्रिया की पोल खोलकर रख दी है। जांच में सामने आया है कि भोपाल के अन्ना नगर स्थित एक बौद्ध मठ के फर्जी पते का इस्तेमाल करके लगभग 40 संदिग्ध लोगों के भारतीय पासपोर्ट जारी करवा दिए गए।

एसटीएफ की जांच टीम वर्तमान में करीब 70 संदिग्ध पासपोर्ट्स का गहन परीक्षण कर रही है। इनमें से अधिकांश पासपोर्ट वर्ष 2021 से 2023 की अवधि के दौरान जारी किए गए थे। जांच एजेंसियां अब इन पासपोर्ट धारकों के वास्तविक निवास स्थान, मूल पहचान पत्रों और संबंधित दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन कर रही हैं। भोपाल के अलावा राज्य के डबरा, बैतूल और छिंदवाड़ा जिलों से भी इस गिरोह से जुड़े संदिग्ध मामले सामने आए हैं।

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एसटीएफ की प्रारंभिक पड़ताल में एक बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। यह गिरोह अवैध रूप से बांग्लादेश से भारत की सीमा में प्रवेश करने वाले लोगों को भारतीय नागरिक के रूप में स्थापित करने का काम करता था। इसके लिए सबसे पहले उनके फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र तैयार किए जाते थे। इन मूल दस्तावेजों के आधार पर सुनियोजित साजिश के तहत पुलिस वेरिफिकेशन करवाकर उनके नाम पर भारतीय पासपोर्ट बनवाए जाते थे।

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हैरान करने वाली बात यह है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बने इन भारतीय पासपोर्ट्स का उपयोग करके कई संदिग्ध व्यक्ति थाईलैंड, मलेशिया, चीन, श्रीलंका और जापान जैसे देशों की यात्राएं भी कर चुके हैं। एसटीएफ अब इस पूरे नेटवर्क के देशव्यापी और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को खंगालने में लगी हुई है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि स्थानीय पुलिस वेरिफिकेशन अधिकारी और पासपोर्ट कार्यालय के कर्मचारी इस सिंडिकेट में शामिल थे या नहीं।

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