Constable Theft Case : दुर्ग। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता का बड़ा मामला सामने आया है। दुर्ग के एक कारोबारी की कार से 2 लाख रुपये की नकदी चोरी करने के आरोप में रायपुर क्राइम ब्रांच के आरक्षक प्रशांत शुक्ला को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने गुरुवार देर रात आदेश जारी करते हुए कार्रवाई की पुष्टि की। मामले में अन्य चार पुलिसकर्मियों पर जांच जारी है।
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Constable Theft Case : घटना 18 अक्टूबर की रात की है। रायपुर क्राइम ब्रांच को हवाला रकम की डिलीवरी की सूचना मिली थी। इसी सूचना पर आरक्षक प्रशांत शुक्ला समेत छह सदस्यीय टीम दुर्ग पहुंची और कारोबारी मयंक गोस्वामी की कार को रोका। पूछताछ के दौरान प्रशांत ने कार की तलाशी लेते हुए 2 लाख रुपये नकद निकाल लिए। पूछताछ के बाद कारोबारी को छोड़ दिया गया, लेकिन जब उसने कार की जांच की तो रकम गायब थी।
संदेह होने पर मयंक ने अपने घर की सीसीटीवी फुटेज खंगाली, जिसमें आरक्षक प्रशांत शुक्ला को रकम निकालते हुए स्पष्ट रूप से देखा गया। इसके बाद 19 अक्टूबर को उसने दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल से शिकायत की। जांच रिपोर्ट रायपुर एसएसपी को भेजी गई, जिसके बाद प्रशांत को तत्काल निलंबित किया गया था। लगभग एक सप्ताह की जांच के बाद सीएसपी स्तर पर आरोपों की पुष्टि होने पर बर्खास्तगी का आदेश जारी किया गया।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई आईजी अमरेश मिश्रा की समीक्षा बैठक के बाद की गई।
एसएसपी ने बताया कि आरोपी आरक्षक के अलावा चार अन्य पुलिसकर्मी — धनंजय गोस्वामी, वीरेंद्र भार्गव, दिलीप जांगड़े और प्रमोद वट्टी के खिलाफ भी जांच जारी है।
जांच की जिम्मेदारी सीएसपी कोतवाली को सौंपी गई है।









