Supreme Court Hearing : रायपुर। 31 अक्टूबर 2025। छत्तीसगढ़ के दो हाई-प्रोफाइल मामलों में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। देश की सर्वोच्च अदालत ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा की जमानत याचिका और कारोबारी चैतन्य बघेल की PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक अधिनियम) से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए संबंधित जांच एजेंसियों को नोटिस जारी किया है।
जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने दोनों मामलों की सुनवाई की। कोर्ट ने लखमा की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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Supreme Court Hearing : गौरतलब है कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा फिलहाल भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमितताओं के एक मामले में जेल में बंद हैं। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को अनुचित बताते हुए जमानत की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट में उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी ने पैरवी की और दलील दी कि लखमा के खिलाफ दर्ज FIR और आरोप राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित हैं तथा किसी ठोस साक्ष्य पर आधारित नहीं हैं।
कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद EOW को जांच की स्थिति और तथ्यों पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद तय की गई है।
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इसी के साथ जस्टिस सूर्यकांत की ही बेंच में कारोबारी चैतन्य बघेल की दो याचिकाओं पर भी सुनवाई हुई। पहली याचिका में उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताया है, जबकि दूसरी में उन्होंने PMLA कानून की वैधता को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने इन दोनों याचिकाओं पर ED को नोटिस जारी कर 10 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
Supreme Court Hearing : चैतन्य बघेल का मामला छत्तीसगढ़ के कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क और सरकारी ठेकों में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है, वहीं कवासी लखमा का मामला आबकारी विभाग में गड़बड़ियों और पद के दुरुपयोग से संबंधित बताया जा रहा है।
इन दोनों मामलों को लेकर राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने इसे “राजनीतिक प्रतिशोध” की कार्रवाई बताया है, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से कार्य कर रही हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद अब दोनों मामलों में एजेंसियों के जवाब और आगामी सुनवाई का बेसब्री से इंतजार है, जो आने वाले दिनों में इन हाई-प्रोफाइल प्रकरणों की दिशा तय करेगी।









