Chhattisgarh News : गौरेला-पेंड्रा-मरवाही | छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में इस बार रक्षाबंधन के त्योहार से पहले प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। बरसात के मौसम और त्योहारों में बढ़ती मिलावट की संभावनाओं को देखते हुए, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले में ‘बने खाबो-बने रहिबो’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा को लेकर एक व्यापक कार्रवाई शुरू की है।
Chhattisgarh News :Patna Students Protest : पटना में बिहार सिविल सेवा अभ्यर्थियों पर पुलिस लाठीचार्ज 4 से 6 अगस्त के बीच चलाए गए इस विशेष अभियान में जिले के प्रमुख होटल, मिठाई दुकानों और स्ट्रीट फूड वेंडर्स की सघन जांच की गई। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नीलम ठाकुर के नेतृत्व में इस कार्रवाई के दौरान कुल 30 से अधिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और दर्जनों मिठाई व नमकीन के सैंपल लिए गए।
इन प्रतिष्ठानों से लिए गए सैंपल में खोवा जलेबी, रसगुल्ला, काजू कतली, सेव, सोनपापड़ी और पेड़ा जैसे खाद्य उत्पाद शामिल हैं। सैंपल लिए गए प्रतिष्ठानों में विपुल स्वीट्स, कृष्णा स्वीट्स, देवा होटल, श्रीनाथ स्वीट्स, मानव मंदिर, जैन स्वीट्स और प्रयागराज मिर्जापुर चटोरी सेंटर जैसे नाम शामिल हैं। सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है।
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निरीक्षण में स्वच्छता मानकों की अनदेखी भी सामने आई। कुछ दुकानदारों द्वारा खाने की वस्तुएं परोसने में अखबार और प्रिंटेड पेपर का उपयोग किया जा रहा था, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे 12 से अधिक दुकानों को नोटिस जारी किया गया और उन्हें भविष्य में सुधार की चेतावनी दी गई।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों—दीपक अग्रवाल और ऋचा चंद्राकर—के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। विभाग का स्पष्ट संदेश है कि त्योहारी सीज़न में किसी भी कीमत पर आम नागरिक की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अभियान का उद्देश्य सिर्फ कार्रवाई नहीं, जागरूकता भी है। “बने खाबो-बने रहिबो” यानी “सही खाओ, स्वस्थ रहो” के मूल संदेश के साथ यह मुहिम जनता को जागरूक करने के लिए चलाई जा रही है, ताकि लोग स्वच्छ और सुरक्षित खाद्य सामग्री की मांग करें और मिलावटखोरों से सतर्क रहें।









