Liquor Overpricing : बड़वानी: जिला मुख्यालय में संचालित देशी और विदेशी शराब दुकानों पर सरकारी नियमों को ताक पर रखकर मनमानी वसूली का खेल चल रहा है। नए बस स्टैंड, पाला बाजार और अंजड़ नाके की दुकानों पर शराब प्रेमियों से प्रिंट रेट (MRP) से कहीं अधिक दाम वसूले जा रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि दुकानों पर अनिवार्य रेट लिस्ट भी गायब है और विरोध करने पर ग्राहकों के साथ बदसलूकी की जा रही है।
रेट लिस्ट गायब, वसूली का गणित ग्रामीणों और ग्राहकों द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार, शराब दुकानों पर प्रति बोतल 30 से 40 रुपए तक की अतिरिक्त वसूली सामान्य बात हो गई है।
- 70 रुपए वाला देशी शराब का पौवा 100 रुपए में बेचा जा रहा है।
- RS (रॉयल स्टैग) जिसकी एमआरपी 760 रुपए है, उसके लिए 800 रुपए वसूले जा रहे हैं।
- स्ट्रांग बीयर (कीमत 198 रुपए) को खुलेआम 250 रुपए में बेचा जा रहा है।
मैनेजर के बोल: “आबकारी हमारे साथ है, चलने दो” इस पूरे गोरखधंधे में सबसे शर्मनाक बयान दुकानों के मैनेजर राजकुमार राय का सामने आया है। उन्होंने बेखौफ अंदाज में कहा कि “पीने और खरीदने वाले को दिक्कत नहीं है तो दूसरों को क्या परेशानी है? जैसा चल रहा है चलने दो, आबकारी विभाग हमारे साथ है।” मैनेजर का यह दावा विभाग और शराब ठेकेदारों के बीच की कथित मिलीभगत की ओर इशारा कर रहा है।
अधिकारी का गोलमोल जवाब जब इस मनमानी के संबंध में आबकारी अधिकारी आर.सी. बनोड से चर्चा की गई, तो उन्होंने कहा कि “रेट सूची आने में थोड़ा समय लगता है।” हालांकि, उन्होंने जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन सवाल यह उठता है कि बिना रेट लिस्ट के दुकानों को संचालन की अनुमति कैसे दी गई और खुलेआम हो रही इस लूट पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?









