Bageshwar Dham : छतरपुर। सिद्ध पीठ बागेश्वर धाम न केवल आस्था और सनातन संस्कृति व परंपराओं के प्रचार प्रसार का प्रमुख केंद्र बनकर सामने आया है बल्कि वैदिक शिक्षा देने के लिए भी आगे आ रहा है। बीते दिनों धाम में गुरुकुलम की शुरुआत की गई थी। शुरू किए गए गुरुकुलम में पहले सत्र में 50 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। बुधवार को प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई जिसमें डेढ़ सौ विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। लिखित परीक्षा के बाद मौखिक परीक्षा के माध्यम से 50 विद्यार्थियों का चयन किया जा रहा है। 1 अप्रैल से शिक्षा विभाग के नए शिक्षण सत्र के साथ ही गुरुकुलम का शिक्षा सत्र शुरू हो जाएगा।
Bageshwar Dham : आचार्य राजा पांडे ने बताया कि गुरुकुलम में प्रवेश के लिए आयोजित परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। गुरुकुलम के प्रथम सत्र में कुल 50 मेधावी विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। चयन प्रक्रिया पूरी तरह से योग्यता के आधार पर की जा रही है ताकि योग्य और प्रतिभाशाली छात्रों को पारंपरिक एवं आधुनिक शिक्षा का समन्वित अवसर मिल सके।उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल से गुरुकुलम का नया शिक्षा सत्र शुरू होगा।
Bageshwar Dham : इस गुरुकुलम में विद्यार्थियों को वैदिक ज्ञान, भारतीय संस्कृति, नैतिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक विषयों की भी शिक्षा दी जाएगी।गुरुकुलम का उद्देश्य विद्यार्थियों को न केवल शैक्षणिक रूप से सक्षम बनाना है, बल्कि उन्हें संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना भी है। अपने विद्यार्थियों को परीक्षा दिलाने लेकर आए अभिभावकों को बागेश्वर धाम जन सेवा समिति की ओर से भोजन की व्यवस्था की गई। इस गुरुकुलम को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा देने का प्रयास माना जा रहा है।











