बीमा सेक्टर में बड़ा बदलाव! अब 100% तक विदेशी निवेश को मंजूरी

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नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश (FDI) को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब भारत की इंश्योरेंस कंपनियों में 100% तक विदेशी निवेश की अनुमति दे दी गई है। यह निवेश ऑटोमैटिक रूट के तहत होगा, यानी इसके लिए पहले से सरकारी मंजूरी की जरूरत नहीं होगी, हालांकि नियामक अनुमति अनिवार्य रहेगी।

LIC के लिए अलग नियम

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नया नियम भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) पर लागू नहीं होगा। LIC में विदेशी निवेश की सीमा पहले की तरह 20% ही रहेगी।इसका मतलब है कि सरकारी बीमा कंपनी के लिए मौजूदा संरचना यथावत बनी रहेगी।

IRDAI की मंजूरी अनिवार्य

डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) के अनुसार, विदेशी निवेश की अनुमति के बावजूद IRDAI (भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण) की जांच और मंजूरी जरूरी होगी।इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी निवेश नियामक मानकों के अनुरूप हों।

नए बीमा कानून से जुड़ा फैसला

यह बदलाव “सबका बीमा, सबकी रक्षा (संशोधन) कानून 2025” के तहत किया गया है। सरकार का उद्देश्य बीमा सेक्टर को मजबूत करना और अधिक विदेशी निवेश आकर्षित करना है।

भारतीय अधिकारी की अनिवार्यता

नई गाइडलाइंस के अनुसार, जिन कंपनियों में विदेशी निवेश होगा, उनमें कम से कम एक प्रमुख पद जैसे चेयरमैन, MD या CEO पर भारतीय नागरिक का होना जरूरी होगा।

RBI नियमों का पालन जरूरी

विदेशी निवेश के दौरान कंपनियों को RBI के FEMA नियमों और प्राइसिंग गाइडलाइंस का पालन करना अनिवार्य होगा।

अन्य बीमा संस्थाओं को भी फायदा

यह 100% FDI सीमा सिर्फ बीमा कंपनियों तक सीमित नहीं है। इसमें ब्रोकर्स, कॉरपोरेट एजेंट, TPA और अन्य बीमा इंटरमीडियरी भी शामिल होंगे, बशर्ते वे IRDAI नियमों का पालन करें।

क्या होगा असर?

इस फैसले से बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश बढ़ने की उम्मीद है। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और ग्राहकों को बेहतर, सस्ती और तेज सेवाएं मिलने की संभावना है।

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